तीर्थनगरी में राफ्टिंग के दौरान लगातार हो रहे हादसों के बाद भी राफ्ट संचालक और पर्यटन विभाग के इनसे सबक लेने को तैयार नहीं है। यहां राफ्ट संचालक नियमों को धता बता पर्यटकों को क्लिप जंप करा उनकी जान खतरे में डाल रहे हैं।
तीर्थाटन और पर्यटन स्थल होने के कारण लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम और मुनिकीरेती क्षेत्र में विभिन्न प्रांतों से पर्यटक राफ्टिंग का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं। लेकिन पर्यटकों को यहां विभागीय लापरवाही के चलते पर्यटक क्लिप जंपिंग करते है। इतना हीं नहीं राफ्ट संचालकों ने बकायदा गंगा नदी के कई तटों पर एडवेंचर स्पॉट तक बना दिए हैं। जिनसे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सबकुछ देखने के बाद भी पर्यटन विभाग इस ओर मूकदर्शक बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन विभाग राफ्ट व्यवसायियों को राफ्ट संचालन की अनुमति देते वक्त उन्हें नियम और कानून का पाठ नहीं पढ़ता है। राफ्ट संचालक नियम-कानूनों का पालन कर रहे हैं या नहीं इसकी किसी को परवाह नहीं है। विभागीय लापरवाही के चलते 23 जून को राफ्टिंग करने के दौरान असम के एक पर्यटक की गंगा में डूबने से मौत को गई थी। लेकिन विभाग फिर भी खामोश बैठा हुुआ है।
इनकी सुनिए
राफ्ट संचालक पर्यटकों को क्लिप जंपिंग करा रहे है। वह गलत है। पर्यटन विभाग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।
बीएल टम्टा, शिवपुरी रेंज अधिकारी, नरेंद्रनगर वन विभाग।
क्लिप जंप कहां पर हो रही है और कौन करवा रहा है इसकी शिकायत स्थानीय लोगों को करनी चाहिए। क्लिप जंप करवाना नियम के खिलाफ है। विभाग भी अपने स्तर से इसकी पड़ताल करेगा।
सोबत सिंह राणा, जिला पर्यटन अधिकारी टिहरी