कल कल करती नदियां, झरने, मन को मोहक कर देने वाले बुग्याली मैदान, सुंदर घाटियां और वहां विचरण करते वन्य जीव। क्या कुछ नहीं है राजाजी टाईगर रिजर्व पार्क से सटे गौहरीमाफी क्षेत्र में। पर यह मनमोहक नजारा सरकार की नजरों से अब तक ओझल है। ग्रामीणों ने यहां पर्यटन स्थल विकसित करने की मांग की है। उनका कहना है इससे सरकार का राजस्व तो बढ़ेगा ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
गौरतलब है कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों की मुख्य सैरगाह के लिए विश्व विख्यात है। राजाजी टाईगर रिर्जव पार्क की खूबसूरती और वन्य जीवों के दीदार को साल भर देसी विदेशी पर्यटक चहलकदमी करते रहते हैं। पार्क से सटे क्षेत्र छिद्दरवाला, रायवाला, गौहरीमाफी, टिहरी फार्म, वैदिकनगर, खदरी खड़कमाफ में ऐसी कई मन मोहक जगह हैं। जहां से गंगा, सौंग नदी और कई छोटी नदियां जंगलों, ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरते हुए बुग्यालनुमा मैदानों और सुंदर घाटियों का निर्माण करती हैं।
प्राकृतिक सुंदरता और वन्य जीवों के गठजोठ की खूबसूरती देखते ही बनती है। इन जगहों पर बने घास के मैदानों पर हिरन, बारहसिंघा, हाथी, सेही, साइबेरियन डक, मोर, गिद्घ और बया पक्षी का खूबसूरत आशियाना पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। छोटी नदियों और प्राकृतिक स्रोतों से निकलने वाले पानी से मैदान साल भर हराभरा रहता है। मैदानों पर हिरन और अन्य जानवरों की टोलियों को करीब से देखा जा सकता है। पक्षी प्रेमियों के लिए भी इन जगहों पर मोर, बया, गिद्घों, सुंदर छोटी रंग-बिरंगी चिड़ियाओं की कमी नहीं है। घास के मैदानों पर मोर का मन लुभावन नृत्य का दीदार किया जा सकता है। देवभूूमि जन सेवा समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सेमवाल ने पर्यटन विभाग से उक्त जगह को पर्यटन स्थल की तर्ज पर विकसित करने की मांग की है।
इनकी सुनिए
यदि वहां पर पर्यटक स्थल योग्य जगह है तो निश्चित रूप से उक्त जगह को पर्यटक स्थल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए ग्रामसभा को विभाग को प्रस्ताव भेजना होगा। उसके बाद मौका मुआयना कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सीमा नौटियाल, प्रभारी क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, दून
उक्त जगह पर पर्यटन और रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। क्षेत्र को पर्यटन स्थल की तर्ज पर विकसित करने के लिए विभाग को प्रस्ताव जल्द भेज दिया जाएगा।
सरिता रतूडी, ग्राम प्रधान गौहरीमाफी