राजकीय उप जिला चिकित्सालय में महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते सप्ताहभर से गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। महिलाओं को चिकित्सक एम्स ऋषिकेश, हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट और जिला अस्पताल देहरादून रेफर कर रहे हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उप जिला चिकित्सालय में महिला रोग विशेषज्ञ के दो पद सृजित हैं, लेकिन बीते तीन साल से एक पद रिक्त चल रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग ने संविदा पर एक महिला विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति की थी। करीब छह महीने पहले संविदा पर तैनात चिकित्सक ने स्वास्थ्य खराब होने के कारण पद छोड़ दिया।
उसके बाद से अस्पताल में एकमात्र स्थायी महिला विशेषज्ञ के भरोसे ही गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन और प्रसव हो रहे थे। सप्ताहभर से महिला चिकित्सक भी निजी समस्या के चलते अवकाश पर हैं। अस्पताल में अब कोई महिला विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जटिल प्रसव या सिजेरियन ऑपरेशन की जरूरत वाली गर्भवती महिलाओं को हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
रेफर होने से गर्भवती महिलाओं को एम्स या देहरादून तक ले जाने में समय और पैसे दोनों खर्च हो रहे हैं। आपात स्थिति में दूरी के कारण जोखिम भी बढ़ जाता है। स्थानीय स्तर पर सुविधा न मिलने से परिजनों में नाराजगी है। मरीजों के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से उप जिला चिकित्सालय में तुरंत महिला विशेषज्ञों की तैनाती की मांग की है। उनका कहना है कि ऋषिकेश जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के उप जिला अस्पताल में महिला डॉक्टर न होना गंभीर लापरवाही है। जब तक स्थायी नियुक्ति नहीं होती, वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि गर्भवती महिलाओं को राहत मिल सके।
-
कोट
अस्पताल में एक ही महिला विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती है। हाल में वे भी अवकाश पर चल रही हैं, जिस कारण ऐसी समस्या बनी हुई है। महिला विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत किया जा चुका है। - डॉ. आनंद राणा, सीएमएस