शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में पांच-पांच संस्कृत विद्यालय खोलने की योजना है। संस्कृत के उत्थान के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
मंगलवार को मुनिकीरेती स्थित शत्रुघ्न घाट पर उत्तराखंड संस्कृत विद्यालय प्रबंधीय शिक्षक संघ के अभिनंदन समारोह में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी भाषाओं की जननी संस्कृत वर्तमान में सबसे पीछे है, इसके उत्थान के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथ वेद पुराण, उपनिषद सभी संस्कृत में है, जिन्हें संस्कृत भाषा के ज्ञान के बगैर पढ़ा नहीं जा सकता। यही वजह है कि संस्कृत को आमजन की भाषा बनाने के लिए देवप्रयाग में केंद्र की डीम्ड यूनिवर्सिटी खोली गई है।
प्रबंधीय शिक्षक संघ ने राज्य के संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रबंधकीय व्यवस्था पर कार्यरत 96 शिक्षकों का मानदेय संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में स्वीकृत करवाने पर अभिनंदन पत्र और शॉल ओढ़ाकर शिक्षा मंत्री एमपी नैथानी का स्वागत किया। मौके पर शत्रुघ्न मंदिर के महंत मनोज द्विवेदी, शिक्षक संघ अध्यक्ष जनार्दन कैरवान, रमाबल्लभ भट्ट, डॉ. सुनील थपलियाल, डॉ. राजे नेगी, चिंतामणि सेमवाल, एसएस राणा, जितेंद्र भट्ट, शांति मैठाणी, पुरुषोत्तम कोठारी आदि मौजूद थे।
मंत्री ने की गंगा आरती
अभिनंदन कार्यक्रम के बाद शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी शत्रुघ्न घाट पर होने वाली सांध्यकालीन गंगा आरती में शामिल हुए। उन्होंने पतित पावनी गंगा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
टिकट बंटवारे पर कांग्रेस से मतभेद नहीं
प्रोगरेसिव डेेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) के विधायक और शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव पर पीडीएफ जल्द रणनीति स्पष्ट करेगी। टिकट बंटवारे पर कांग्रेस से मतभेद नहीं है। जहां पीडीएफ का प्रत्याशी चुनावी मैदान में होगा, वहां कांग्रेस अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी। इस पर लगभग सहमति बन चुकी है।
मंगलवार को मुनिकीरेती एक कार्यक्रम में शामिल होने आए शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने पत्रकारवार्ता में बताया कि पीडीएफ से जुड़े सभी विधायक एकसाथ हैं। व्यक्तिगत राय अलग बात है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अनर्गल बयानबाजी कर मामले को तूल दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और पीडीएफ में विस चुनाव को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है। जल्द पीडीएफ विधायक बैठेंगे और रणनीति स्पष्ट करेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। पांचवी और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा कराई जाएगी, जो बच्चा फेल होगा, उसे पास नहीं किया जाएगा। मामले में नो डेटिएशन समिति की सिफारिश खारिज होनी चाहिए।