विश्व में भावातीत ध्यान के प्रणेता महर्षि महेश योगी की धरोहर तीर्थनगरी स्थित शंकराचार्यनगर (चौरासी कुटिया) और नेचर ट्रेल मंगलवार को देसी विदेशी सैलानियों के लिए खुल गई। उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि वनमंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि यह विश्वविख्यात आध्यात्मिक केंद्र उत्तराखंड की धरोहर है।
इसे सैलानियों के लिए उसी रूप में विकसित किया जाएगा। परिसर में पर्यावरण संरक्षण के कार्य भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि चौरासी कुटिया को और अधिक आकर्षित बनाने की योजना है, जिसे शीघ्र धरातल पर उतारा जाएगा। अग्रवाल ने कहा कि राज्य में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं।
सरकार ऐसे स्थलों को विकसित करने के लिए योजनागत प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र चौरासी कुटिया में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह पहल आवश्यक थी। उन्होंने बताया कि इसे और अधिक विकसित करने के साथ ही यहां पर्यटकों को योगा सेंटर जैसी अन्य जरूरी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
उन्होंने गंगा को एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि गंगा के संरक्षण के लिए हमें पर्यावरण का संवर्धन करना होगा।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदांनद सरस्वती मुनि ने कहा कि चौरासी कुटिया का संरक्षण और इससे पर्यटक, तीर्थाटकों को जोड़ना जरूरी था, उन्होंने कहा कि वह लंबे अरसे से इस प्रयास में जुटे थे, उन्होंने राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन की इस पहल की सराहना भी की।
इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक यमकेश्वर विजय बड़थ्वाल, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डीवीएस खाती, मुुख्य वन संरक्षक धनंजय मोहन, पार्क निदेशक नीना ग्रेवाल, वन संरक्षक गढ़वाल गंभीर सिंह, वन संरक्षक एसपी सुबुद्धि, उप निदेशक किशन पाल, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक अध्यक्ष शकुंतला राजपूत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख रेनू बिष्ट, एसडीओ प्रदीप कुमार, डा. नारायण सिंह रावत, वंशीलाल नौटियाल, गुरुपाल बत्रा, आदेश तोमर मौजूद थे।