पुुष्कर मंदिर मार्ग स्थित एक सरकारी स्कूल की जर्जर दीवार बुधवार को भरभरा कर गिर गई। दीवार के मलबे में दबने से एक किशोर की मौत हो गई जबकि दो लोग बुरी तरह घायल हो गए। शव पोस्टमार्टम के लिए राजकीय अस्पताल भेज दिया गया है। जबकि दोनों घायलों को एम्स रेफर कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम करीब सवा छह बजे वार्ड संख्या पांच में पुष्कर मंदिर मार्ग स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंबर एक की 10 फुट ऊंची दीवार का करीब 15 फुट हिस्सा अचानक ढह गई। दीवार से सटे मार्ग से गुजर रहे एक किशोर समेत तीन लोग मलबे की चपेट में आ गए। हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने जैसे-तैसे तीनों लोगों को मलबे से निकाला। घायल अवस्था में सभी को राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने किशोर को मृत घोषित कर दिया। जबकि अन्य दोनों को प्राथमिक उपचार देकर एम्स रेफर कर दिया गया।
मृतक किशोर की पहचान 15 वर्षीय केतन पुत्र हुकुम सिंह निवासी मायाकुंड के रूप में हुई है। श्री भरत मंदिर इंटर कालेज के अध्यापक रंजन अंथवाल ने बताया कि केतन उनके विद्यालय में कक्षा 11 का छात्र था। वह घटना के दौरान ट़्यूशन पढ़ने के बाद घर जा रहा था। 10 वीं में उसके 85 प्रतिशत अंक आए थे। वहीं, घायलों की पहचान शांतिनगर निवासी 57 वर्षीय कृपाल सिंह और पुष्कर मंदिर मार्ग निवासी 65 वर्षीय स्नेहलता गुप्ता पत्नी सतपाल गुप्ता के रूप में हुई है। दोनों का उपचार चल रहा है।
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लापरवाही ने ले ली एक मेधावी किशोर की जान
पुष्कर मंदिर मार्ग स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंबर एक के प्रबंधन को जर्जर हो चुकी दीवार और इससे पैदा हुए खतरे का अंदाजा था। यही वजह थी कि बार-बार स्कूल की दीवार सही कराने के लिए विभाग और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई जा रही थी, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। यह अनदेखी और लापरवाही ही मेधावी किशोर केतन की जान ले बैठी।
परमार्थ निकेतन की ओर से गोद लिए हुए राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय नंबर एक के प्रभारी प्रधानाध्यापक विकास ने बताया कि स्कूल की दीवार करीब तीन महीने से जीर्णशीर्ण हालत में है। इसकी मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध नहीं था। लिहाजा कई बार बजट के लिए जनप्रतिनिधियों सहित शासन से पत्राचार कर गुहार लगाई गई। इसके बावजूद समय पर बजट नहीं उपलब्ध कराया गया। इसकी मरम्मत के लिए करीब लाख रुपये बजट की दरकार है।
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बची हुई जर्जर दीवार गिरवाई
हादसे के बाद देखते ही देखते घटनास्थल पर भीड़ उमड़ पड़ी। मेयर अनिता ममगाईं, स्थानीय पार्षद देवेन्द्र प्रजापति, तहसीलदार रेखा आर्य भी घटनास्थल पर पहुंचे। मेयर ने निर्माण विभाग के निगम के एई आनंद सिंह मिश्रवाण और अन्य निगम कर्मियों को मौके पर बुलवाकर जेसीबी से बची हुई जर्जर दीवार को भी गिरवा दिया। साथ ही सड़क पर बिखरे मलबे को भी साफ करवाया गया।
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उक्त स्कूल की दीवार के लिए कई माह पूर्व निगम के अफसरों को अवगत कराकर मरम्मत की मांग मेरी ओर से भी की गई थी। इस पर निगम अफसरों ने तर्क दिया कि उक्त संपत्ति उनके दायरे में नहीं आती है। लिहाजा उक्त दीवार की मरम्मत निगम की ओर से नहीं कराई जा सकती है।
- देवेन्द्र प्रजापति, स्थानीय पार्षद
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यहां भी हादसे को न्योता दे रही जर्जर दीवार
बनखंडी क्षेत्र से लगी हुई रेलवे की दीवार भी कभी भी ढह सकती है। इसके लिए स्थानीय लोगों ने स्टेशन मास्टर को ज्ञापन भी दिया है। स्थानीय निवासी रणवीर पाल ने बताया कि पुष्कर मंदिर मार्ग स्थित स्कूल की दीवार की जैसी हालत बनखंडी में रेलवे की दीवार की भी है। इस मार्ग से अधिकांश लोग गुजरते हैं। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
मृतक केतन। फाइल फोटो- फोटो : RISHIKESH