विश्व प्रसिद्ध मुनिकीरेती क्षेत्र में रामझूला मार्ग पर स्थित गुरुदेव कुटीर के ठीक सामने स्थापित होटल का दूषित जल सड़क पर उड़ेला जा रहा है। जिससे रामझूला मार्ग पर देसी-विदेशी पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। मार्ग पर गंदगी के कारण दुर्गंध व्याप्त है।
लेकिन होटल स्वामी नागरिकों की शिकायत के बावजूद इसे रोकने के उपाय नहीं कर रहे। रामझूला मार्ग मुनिकीरेती से स्वर्गाश्रम आने-जाने का एकमात्र रास्ता है। जिस पर दिनभर हजारों देसी-विदेशी सैलानियों और स्थानीय नागरिकों का आवागमन बना रहता है। मार्ग पर संचालित होटल का दूषित पानी पाइप के जरिए इस मार्ग पर उड़ेला जा रहा है।
जो सीधे राहगीरों के सिर पर गिरता है। मंगलवार को इसके आसपास ठेली-खोखे संचालित करने वाले लघु व्यापारियों ने बताया कि होटल द्वारा गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं की गई है। अक्सर दूषित पानी खुले पाइप के जरिए रामझूला मार्ग पर छोड़ दिया जाता है। जिससे मार्ग पर गंदगी का आलम है।
उन्होंने बताया कि गंदगी और दुर्गंध के चलते कोई भी पर्यटक उनकी दुकानों पर सामान खरीदने के लिए नहीं रुकते। बावजूद इसके विश्व प्रसिद्ध पर्यटक क्षेत्र में एक होटल द्वारा हजारों लोगों के लिए उत्पन्न की गई परेशानी न तो नगर पालिका मुनिकीरेती प्रशासन को दिखाई दे रही है और न ही तहसील प्रशासन ने इसका संज्ञान लेना उचित समझा।
बताया कि कई महीनों से चली आ रही इस समस्या के बारे में कई दफा होटल स्वामी से शिकायत की जा चुकी है। मगर कोई समाधान नहीं हुआ। होटल स्वामी चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसा है तो जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। नगर पालिकाध्यक्ष शिवमूर्ति कंडवाल ने मामले में अनभिज्ञता जताई। कहा कि इसे दिखवाकर समाधान कराया जाएगा।