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आठ दिसंबर को खुलेगी विश्व प्रसिद्ध चौरासी कुटिया

Wed, 02 Dec 2015 01:10 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
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दशकों से बंद पड़ी भावातीत ध्यान का केंद्र रही महर्षि महेश योगी की चौरासी कुटिया सप्ताहभर बाद देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए खुल जाएगी। महर्षि की इस कुटिया में पर्यटकों को योग केंद्र, चौरासी कुटियाएं, 110 गुफाओं के साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को देखने को मौका मिलेगा।
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स्वर्गाश्रम स्थित शंकराचार्यनगर (चौरासी कुटिया) की स्थापना 1956 में विश्व भावातीत ध्यान योग के प्रणेता महर्षि महेश योगी ने ध्यान, योग और साधना के उद्देश्य से स्थापित किया था। 1986 में कुटिया राजाजी नेशनल पार्क के अंतर्गत आ जाने और केंद्र में साधकों की संख्या के सापेक्ष संसाधनों के कम पड़ने आदि कारणों से महर्षि महेश योगी ने इसे सरकार के सुपुर्द कर दिया था, इसके बाद वह हॉलैंड चले गए।

इसके बाद से चौरासी कुटिया क्षेत्र को आम नागरिकों के प्रवेश के लिए वर्जित कर दिया गया था। विभागीय स्तर पर रखरखाव के अभाव में इसके भवन, कुटियाएं काफी खराब हो चुकी थीं। कुटिया को नागरिकों के लिए खोले जाने के निर्णय के बाद यहां स्थापित खराब पड़े भवनों पर हाल में पार्क प्रशासन ने फौरीतौर पर अनुरक्षण कार्य कराया है।
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गौहरी रेंज अधिकारी आरएम नौटियाल ने आठ दिसंबर को देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए इस प्रसिद्ध ध्यान केंद्र को खोले जाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि वन मंत्री दिनेश अग्रवाल कुटिया का शुभारंभ करेंगे।


क्यों मिली चौरासी कुटिया को प्रसिद्धि
स्वर्गाश्रम स्थित महर्षि महेश योगी की तपस्थली चौरासी कुटिया में साल 1968 में उनके शिष्य रहे इंग्लैंड का मशहूर बीटल्स ग्रुप आया था। ग्रुप के सदस्यों ने यहां लगभग तीन महीने फरवरी, मार्च, अप्रैल तक प्रवास किया। इस दौरान ग्रुप ने यहां रहकर 47 गाने तैयार किए थे। जिन्हें आज भी विदेशी पर्यटक वाइट एलबम में सुनते हैं।

इंग्लैंड के विश्व प्रसिद्ध बीटल्स ग्रुप के चार सदस्यों जार्ज हैरिसन, पॉल मैकेनिक, रिंगोस्टार और जॉन लेनन कुटिया आए थे। बीटल्स ग्रुप के आश्रम में आने के बाद से ही इस कुटिया को अधिक प्रसिद्धि मिली।


प्रतिव्यक्ति प्रवेश शुल्क तय
चौरासी कुटिया के भ्रमण, दर्शन के लिए प्रवेश करने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों के लिए वन विभाग द्वारा अलग अलग शुल्क निर्धारित किया गया है। रेंज अधिकारी नौटियाल ने बताया कि कुटिया में प्रवेश के लिए भारतीयों से 150 रुपये प्रतिव्यक्ति और विदेशी पर्यटकों से 600 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाएगा।


15 जून तक खुलेगी कुटिया
गौहरी रेंज अधिकारी आरएम नौटियाल ने बताया कि सैलानियों के लिए चौरासी कुटिया को 15 दिसंबर से 15 जून तक खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि कुटिया को इससे और अधिक समय के लिए खोले जाने के बाबत वाइल्ड लाइफ बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया है।
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