- संघ के नर्सिंग अधिकारियों की भूख हड़ताल का चौथे दिन, पदोन्नत कर्मियों की भूख हड़ताल भी जारी
ऋषिकेश। एम्स में नर्सिंग अधिकारियों की पदोन्नति का विवाद गहराता जा रहा है। आरक्षण रोस्टर लागू नहीं किए जाने के विरोध में एम्स एससी/एसटी कर्मचारी कल्याण संघ के पांच नर्सिंग अधिकारी सोमवार को चौथे दिन भी भूख हड़ताल पर डटे रहे। संघ के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता आयोजित कर डीपीसी में आरक्षण रोस्टर और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की गाइडलाइन का पालन नहीं करने को आरोप लगाया है। वहीं, पदोन्नति पाने वाले पांच नर्सिंग अधिकारियों की भूख हड़ताल भी सोमवार को तीसरे दिन जारी रही।
संघ के पदाधिकारियों ने सोमवार को कोयल घाटी स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता आयोजित की जिसमें मनोज कुमार, अंजू मीणा, प्रवीन भंडारी, वीरबल सिंह मीणा ने आरोप लगाया की पदोन्नति के लिए आयोजित डीपीसी में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं किया गया है। साथ ही डीओपीटी की ओर से निर्धारित गाइडलाइन की भी अनदेखी की गई है जिसके चलते उनके कई कर्मचारी सदस्य पदोन्नति से वंचित रह गए हैं। उन्होंने नियम विरूद्ध डीपीसी पर रोक लगाने, आरक्षण रोस्टर का पूर्णत: पालन करने, पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता व निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की है। आरोप है कि कर्मचारियों को आंदोलन करते आठ दिन बीत चुके हैं, बावजूद एम्स प्रशासन की ओर से अब तक कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है। कहा कि जब तक विवादित डीपीसी और इसके तहत पदोन्नत कर्मचारियों की नियुक्तियां निरस्त नहीं की जातीं तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर सुभाष, सावन, बलराज, साक्षी आदि नर्सिंग अधिकारी मौजूद रहे। दूसरी ओर, डीपीसी के माध्यम से पदोन्नति पाने वाले नर्सिंग अधिकारी भी अपनी पदोन्नति बरकरार रखने की मांग को लेकर तीसरे दिन भूख हड़ताल पर डटे रहे।
75 प्रतिशत नर्सिंग अधिकारी काम पर, शेष दे रहे धरना
प्रेसवार्ता में प्रदर्शन के कारण एम्स की स्वास्थ्य सेवाओं के असर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पदाधिकारियों ने बताया कि मरीजों की परेशानियों को देखते हुए मात्र 25 प्रतिशत नर्सिंग अधिकारी ही धरना-प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। शेष 75 प्रतिशन नर्सिंग अधिकारी अपनी सेवाओं और कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है। बताया कि शिफ्ट खत्म होने के बाद या शुरू होने से पहले समयानुसार नर्सिंग अधिकारी बारी-बारी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। मरीजों और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर नहीं पड़ने दिया जा रहा है।
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कोट-
आंदोलित दोनों पक्षों के नर्सिंग अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। मामले को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- डॉ. श्रीलॉय मोहंती, पीआरओ, एम्स।