ऋषिकेश। आस संस्था के ‘नंदा तू राजी खुशी रैयां’ अभियान के तहत क्षय रोग पीड़ितों को पोषाहार वितरित किया गया। अभियान से जुड़कर लाभान्वित हुए बच्चों और उनके अभिभावकों ने अपने अनुभव भी साझा किए।
बुधवार को नगर निगम सभागार में मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विजया बड़थ्वाल, राज्य टीवी अधिकारी डॉ. मयंक बडोला और आस संस्था की अध्यक्ष ईरा कुकरेती ने संयुक्त रूप कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने आस संस्था के ‘नंदा तू राजी खुशी रैयां’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि क्षय रोग पीड़ितों के लिए आस संस्था ने इस अभियान के माध्यम से एक मॉडल प्रस्तुत किया है। सरकार को चाहिए कि राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में इस मॉडल को लागू करे ताकि वर्ष 2022 में क्षय मुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
राज्य टीवी अधिकारी डॉ. मयंक बडोला ने सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। संस्था की संस्थापक समाजसेवी हेमलता बहन ने संस्था के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश ने भी आस के ‘नंदा तू राजी खुशी रैयां’ मॉडल को पसंद किया है। वर्तमान में 18 नए बच्चों के अलावा कुल 30 बालिकाओं को संस्था की ओर से सात माह का पोषाहार प्रदान किया जा रहा है। इस दौरान संस्था की ओर से बच्चों को पोषाहार के अतिरिक्त वाटर फिल्टर व कंबल भी प्रदान किए गए। इस मौके पर संस्था के उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, स्वास्थ्य विभाग के सूचना प्रसार अधिकारी अनिल सती, सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कंडारी, राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव कामिनी गुप्ता, प्रियंका, सीमा रावत और शूरवीर रावत आदि मौजूद थे।