पौड़ी जिला प्रशासन और नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक की लापरवाही तीर्थक्षेत्र आने वाले सैलानियों पर भारी पड़ रही है। करीब दो साल नौ महीने बीतने के बाद भी जून-2013 में आपदा के समय गंगा में आई बाढ़ से वेद निकेतन के समीप चौरासी कुटिया मार्ग पर जमा मलबा नहीं हटाया जा सका है। इससे विश्वविख्यात संत महर्षि महेश योगी की चौरासी कुटिया के दर्शन को आने वाले देसी-विदेशी पर्यटक और श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है।
मार्ग पर जमा मलबे से रपटकर अक्सर दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। यूं तो 2013 की आपदा में चौरासी कुटिया मार्ग पर जमा मलबे को लेकर पौड़ी प्रशासन, सिंचाई विभाग और नगर निकाय लापरवाह थे ही। लेकिन अर्द्धकुंभ मेले के मद्देनजर भी मार्ग को दुरुस्त करना तो दूर जिम्मेदारों ने इस पर जमा मलबे को हटाना तक मुनासिब नहीं समझा। नतीजतन तीन महीने से अब तक मेला काल में यहां आने वाले सैलानी परेशान हो रहे हैं।
मलबा जमा होने के समय से नगर निकाय संसाधनों की कमी बताती रही है, लेकिन कुंभ बजट मिलने के बाद भी प्रशासन ने इस ओर गौर नहीं किया। लिहाजा खासकर भावातीत ध्यान के विश्वविख्यात प्रणेता महर्षि महेश योगी की तप स्थली चौरासी कुटिया का भ्रमण करने आने वाले सैलानी परेशान हो रहे हैं। स्थानीय कैफे संचालक मंजीत रौतेला ने बताया कि बाढ़ के दौरान जमा मलबे को अभी तक नहीं हटाया गया है।
तेज हवा चलने पर रेत कमरों के अंदर भर जाता है। मलबा हटाने को कई बार प्रशासन और निकाय से लिखित गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन आश्वासन तो मिलता है सुनवाई नहीं होती।
मामला संज्ञान में है। समस्या का तीन-चार दिनों में समाधान करा लिया जाएगा, ताकि पर्यटकों को आवागमन में दिक्कत न हो।-श्रेष्ठ गुनसोला, कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत, तहसीलदार यमकेश्वर