शासन ने निर्देश दिया है कि 13 जनवरी से शुरू हो रहे अर्द्धकुंभ से पहले सभी विकास कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए। लेकिन ऐन वक्त पर विभिन्न विभागों के इंजीनियरों के हड़ताल पर जाने के कारण निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग गया है। जो निर्माण कार्य चल रहे हैं वह भी महज ठेकेदारों के भरोसे हैं।
ऐसे में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी की संभावना बनी हुई है। तीर्थनगरी में अर्द्धकुंभ 2016 को लेकर जोर-शोर से तैयारी चल रही है। शहर की सड़कों के पुनर्निर्माण पीडब्लूडी, नई पाइल लाइन और सीवर लाइन बिछाने की जिम्मेदारी पेयजल निगम के पास है। सभी कार्य पूरे करने की डेडलाइन 30 दिसंबर है।
लेकिन मंगलवार से विभागीय इंजीनियरों की हड़ताल की वजह से विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। पेयजल निगम के सहायक अभियंता दिनेश दवाण ने बताया कि तीर्थनगरी में अर्द्धकुंभ में नई पेयजल लाइन और सीवर लाइन को मंजूरी मिली है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया हो चुकी है।
जल्द कार्य शुरू होना था, लेकिन हड़ताल के चलते कार्य प्रभावित हो सकता है। पीडब्लूडी के अपर सहायक अभियंता महक सिंह सैनी ने बताया कि अर्द्धकुंभ के तहत कुछ सड़कों का पुनर्निर्माण चल रहा है। कुछ सड़कों का निर्माण कार्य शुरू होना था, जो इंजीनियरों की हड़ताल से अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा कि जो कार्य हो रहे हैं वो महज ठेकेदार के भरोसे हैं। ऐसे में निर्माण कार्य में गुणवत्ता कमी आएगी।
महत्वाकांक्षी पुल निर्माण पर असर
मुनिकीरेती क्षेत्र में खारास्रोत नदी के ऊपर पुल का निर्माण कार्य और गंगा के ऊपर जानकी ब्रिज का निर्माण चल रहा है। इन दोनों ब्रिज को अर्द्धकुंभ से पहले तैयार करने डेडलाइन निर्धारित है। लेकिन संबंधित विभाग के इंजीनियरों की हड़ताल के चलते निर्माण कार्य पर असर पड़ा है। पीडब्लूडी नरेंद्रनगर खंड के सहायक अभियंता एमएस सैनी ने बताया कि हड़ताल लंबी चली तो कार्य ठप हो सकता है।