अर्द्धकुंभ मेले को शुरू हुए एक महीना बीत चुका है। लेकिन लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर डिवीजन को अभी तक विश्व प्रसिद्ध लक्ष्मणझूला पुल के मरम्मत की याद नहीं आई है। मेला काल में ब्रिज पर रंगरोगन और प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से तीर्थयात्रियों और सैलानियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
वहीं, महकमा करीब एक महीने से स्वर्गाश्रम-मुनिकीरेती के बीच बने शिवानंद रामझूला पुल के रंगरोगन और मरम्मत में जुटा है। लेकिन बजट स्वीकृति के बावजूद विश्व विख्यात लक्ष्मणझूला पुल की अनदेखी की जा रही है। प्राचीन होने के कारण लक्ष्मणझूला पुल दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं में इसका खासा क्रेज देखने को मिलता है। तीर्थनगरी पहुंचते ही लोग सबसे पहले लक्ष्मणझूला पुल का पता पूछने लगते हैं। दशकों पुराने झूला पुल के कारण ही तीर्थक्षेत्र की खासी पहचान भी है। इतनी महत्ता होने के बावजूद प्रशासन अर्द्धकुंभ मेले में भी इसकी अनदेखी कर रहा है।
ब्रिज पर प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं के अलावा स्थानीय लोगों को भी रात में परेशानी उठानी पड़ रही है। लेकिन महकमे ने अर्द्घकुंभ मेले के दृष्टिगत इस ब्रिज के लिए वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद भी मरम्मत और रंगरोगन कार्य अभी शुरू नहीं किया है।
पुल की मरम्मत और रंगरोगन का बजट विभाग से स्वीकृत है। रामझूला पुल के बाद लक्ष्मणझूला पुल पर मरम्मत, रंगरोगन आदि कार्य किए जाने हैं। फिलहाल लक्ष्मझूला पुल के फुटपाथ पर मास्टिक लेयर बिछा दी गई है।-विवेक सेमवाल, सहायक अभियंता, पीडब्लूडी डिवीजन नरेंद्रनगर,मुनिकीरेती