राज्य सरकार से अनुदान के रूप में मिलने वाली पेंशन लोगों को टेंशन दे रही है। इसकी बानगी तहसील दिवस में देखने को मिली। तहसील दिवस पर 30 शिकायतों में 19 मामले वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन के आए। तहसील प्रशासन ने निस्तारण का दावा करते हुए पेंशन के मामलों को जिला समाज कल्याण विभाग को अग्रसरित कर दिया।
मंगलवार को उपजिलाधिकारी अरविंद कुमार पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से फरियादी बिजली, पानी, सड़क और पेंशन की समस्याएं लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों से समस्या के समाधान की गुहार लगाते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
एसडीएम ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों से जवाब तलब कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। तहसीलदार केडी जोशी ने बताया कि तहसील दिवस में विभिन्न समस्याओं के 30 मामले आए। इसमें 25 का मौके पर निस्तारण कर दिया है। 19 मामले पेंशन के आए, जिन्हें निस्तारण के लिए जिला समाज कल्याण विभाग को अग्रसरित कर दिया गया है।
मौके पर सहायक अभियंता बाढ़ नियंत्रण खंड आरपी चमोली, सहायक समाज कल्याण अधिकारी जीएस रावत, कनिष्ठ अभियंता जलसंस्थान रामकुमार यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी रमेश शर्मा, अवर अभियंता जलसंस्थान मनोज डबराल, वन दारोगा सुनील रावत, ईओ नगर पालिका वीपीएस चौहान सहित पटवारी मौजूद थे।
जर्जर पोल से हादसे का खतरा
क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र प्रसाद तिवाड़ी ने प्रतीत नगर ग्राम पंचायत में वार्ड एक से पांच तक मार्ग के किनारे जर्जर हालत में खड़े विद्युत पोल से खतरा बताया है। तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराते हुए उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को लिखित और मौखिक रूप से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एसडीएम से जर्जर विद्युत पोल बदलवाने की मांग की है।