नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक ने परिवहन विभाग को करीब एक लाख रुपये के राजस्व का चूना लगाया है। 60 लाख रुपये की लागत से नगर पंचायत ने नौ माह पहले मिनी जेसीबी समेत सात वाहन तो खरीदे, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। ये वाहन अनाधिकृत रूप से निकाय क्षेत्र में फर्राटा भर रहे हैं। इसे परिवहन विभाग की लापरवाही ही कहेंगे, जो उनकी नजर अभी तक इन वाहनों पर नहीं पड़ी।
अर्द्धकुंभ मेेले के दौरान शासन से स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए नगर पंचायत को एक करोड़ 75 लाख की स्वीकृति मिली थी। निकाय ने जनवरी महीने में 15 लाख 25 हजार से एक मिनी जेसीबी, 19 लाख से तीन छोटे लोडर, पांच लाख 90 हजार से एक ट्रैक्टर, 17 लाख से दो बीन लिफ्टर खरीदा। तब से नौ माह का समय बीत चुका है। लेकिन, निकाय ने इन वाहनों का आरटीओ ऑफिस से रजिस्ट्रेशन करना मुनासिब नहीं समझा। जबकि नियम के तहत कोई भी नया वाहन क्रय करने पर एक माह के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन कराना होता है। निर्धारित अवधि के बाद रजिस्ट्रेशन कराने पर विलंब शुल्क का भुगतान करना होता है। यदि नगर पंचायत अब वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवाती है तो वह विलंब शुल्क का वहन किस मद से से करेगा, यह देखने लायक होगा।
नौ महीने से अधिकारियों को नहीं आई इसकी सुध
ऋषिकेश। प्रत्येक सप्ताह क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान का दावा करने वाले अधिकारियों का ध्यान इस ओर क्यों नहीं गया, यह बड़ा सवाल है। स्थानीय लोगों ने निकाय और एआरटीओ के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे अधिकारियों की मिलीभगत बताया।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है
नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक के अधिशासी अधिकारी राधेश्याम छाछर का कहना है कि वाहनों का रजिस्ट्रेशन समय पर क्यों नहीं किया ये तो तत्कालीन अधिकारी ही सही बता पाएंगे। वाहनों के रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया अब शुरू कर दी गई है। जल्द ही समस्त वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवाया जाएगा।
चेकिंग अभियान के दौरान ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। क्षेत्र में जाकर देखूगा। यदि कोई वाहन लंबे समय से बिना रजिस्ट्रेशन के मिला तो उसे सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। - सुरेंद्र कुमार, एआरटीओ, कोटद्वार।