परमार्थ निकेतन आश्रम में समर्पित युवा फाउंडेशन, मुजफ्फरनगर के युवाओं ने राष्ट्र भक्ति, भारतीय संस्कृति की रक्षा, देशभक्ति को प्रेरित करने के लिए स्वामी चिदानंद सरस्वती को स्टील से बने राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया। उन्होंने युवा समिति और समर्पित महिला शक्ति मुजफ्फरनगर से आए करीब 50 युवाओं को रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर, ग्लोब का जलाभिषेक कर जल संरक्षण, पौधा रोपण एवं सिगंल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने का भी संकल्प कराया।
राष्ट्रीय ध्वज स्वीकार करते हुए स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भारत की आत्मा है। इसके शीर्ष पर स्थित केसरी रंग ‘ताकत और साहस’ का प्रतीक है, मध्य में सफेद रंग ‘शांति और सच्चाई’ का प्रतिनिधित्व करता है। ध्वज के नीचे स्थित हरा रंग ‘भूमि की उर्वरता, वृद्धि और शुभ्रता’ का प्रतीक है। ध्वज में विद्यमान चरखे की 24 तीलियों से युक्त अशोक चक्र का उद्देश्य यह है कि ’गति में जीवन है और स्थायित्व में मृत्यु है’। इस संदेश को हमें सदैव याद रखना होगा और जीवन को श्रेष्ठतम गति प्रदान करनी होगी। कहा भारत का इतिहास शहीदों, देशभक्तों और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान करने वालों का इतिहास है। भारतीयों के लिए तिरंगे की शान और मातृभूमि की स्वतंत्रता कितना महत्व रखती है यह इतिहास के पन्ने बखूबी बयां करते हैं। उन्होंने एम्स में 100 से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए समर्पित युवा फाउंडेशन के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है, और समर्पित युवा फाउंडेशन की ओर से रक्तदान का महा अभियान चलाया जाना वास्तव में अत्यंत श्रेष्ठ कार्य है।