शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर परमार्थ निकेतन की प्रसिद्ध संध्या गंगा आरती में भी शामिल हुए थे। खास बात यह रही कि उन्होंने आम श्रद्धालुओं के बीच बैठकर आरती में हिस्सा लिया।
ऋषिकेश की शांत वादियां, गंगा का आध्यात्मिक वातावरण और यहां की सादगी नाना पाटेकर को काफी पसंद आई थी। उनके उत्तराखंड प्रवास की ये तस्वीरें आज उनके प्रशंसकों के लिए यादों का हिस्सा बन गई हैं।
अभिनेता के निधन के बाद गंगा किनारे बिताई उनकी वह शाम और फिल्म ‘ओले आले’ की शूटिंग से जुड़ी स्मृतियां ऋषिकेश के लोगों के बीच लंबे समय तक याद की जाती रहेंगी।