उत्तराखंड परिवहन महासंघ की बैठक को संबोधित करते वक्ता।
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ऋषिकेश। परिवहन महासंघ की ओर से आईएसबीटी स्थित एक होटल में आयोजित बैठक में प्रदेश सरकार पर परिवहन व्यवसायियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया गया। परिवहन व्यवसायियों की ओर से 30 अगस्त को तीन सूत्री मांगों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन दिया जाएगा। मांगे पूरी नहीं होने पर चक्काजाम और आंदोलन की चेतावनी दी है।
परिवहन व्यवसायियों को संबोधित करते हुए उत्तराखंड परिवहन महासंघ के अध्यक्ष सुधीर राय ने कहा कि कोविड-19 के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित परिवहन व्यवसायी हुए हैं। परिवहन व्यवसायियों की ओर से अपनी मांगों और समस्याओं से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी अवगत कराया गया। लेकिन उसके बाद भी प्रदेश सरकार की ओर से परिवहन व्यवसायियों की मांगें नहीं मानी गई। उन्होंने बताया कि इससे यह साबित होता है कि सरकार परिवहन व्यवसायियों के हित में कोई भी फैसला लेने को तैयार नहीं है। अब अपनी मांगों को सभी परिवहन व्यवसायी आरपार की लड़ाई के मूड हैं। उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को तीन सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया जाएगा। इन मांगों सभी बस चालक परिचालकों को 10 से 15 हजार की आर्थिक सहायता दी जाए। कॉमर्शियल वाहनों के टैक्स दो साल के लिए माफ किए जाए, कॉमर्शियल वाहनों की आयु में दो साल की वृद्धि की जाए। यदि इन मांगों को लेकर सरकार को कोई फैसला नहीं लेती है तो सभी परिवहन व्यवसायी आरपार की लड़ाई लडेंगे।
टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष विजयपाल रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार हमारी बातें सुनने को तैयार नहीं है। विक्रम यूनियन के अध्यक्ष महंत विनय सारस्वत ने कहा कि अब बातों का समय चला गया है। सरकार को अपनी सारी बातें बता दी हैं, अब वाहनों को खड़ा कर सड़कों पर लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। बैठक में गढ़वाल मंडल टैक्सी चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान सिंह राणा, सुमो यूनियन के अध्यक्ष राजेश कुमार कश्यप, संजय चौहान, तनवीर सिंह, विनोद प्रसाद भट्ट, सत्यदेव उनियाल, प्यारेलाल गुनसोला, दाताराम रतूड़ी, विजेंद्र कंडारी, नवीन चंद्र रमोला, बलवीर रौतेला, ओपी उनियाल आदि उपस्थित थे।