- यमकेश्वर के 11 गांवों में वन विभाग का बड़ा एक्शन, पिंजरे में कैद हुए आतंकी बंदर
यमकेश्वर। विकासखंड में बंदरों के बढ़ते उत्पात से परेशान ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए वन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग ने बंदर प्रभावित 11 गांवों को चिह्नित कर पिंजरे लगाए हैं, जिनमें बंदरों को पकड़कर चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा जाएगा। वहां उनकी नसबंदी कराई जाएगी, ताकि बढ़ती आबादी पर नियंत्रण किया जा सके। शनिवार से शुरू हुआ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
वन विभाग की ओर से दिउली, यमकेश्वर, दमराड़ा, बिस्सी, चोपड़ा, कांडी, कस्याली, भृगुखाल, डांडा बिनक, खोबरा और पाटा गांवों में बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए हैं। अभियान के तहत बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, इन गांवों में बंदरों के उत्पात से जनजीवन प्रभावित हो रहा था। बंदर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही घरों में घुसकर अनाज खा रहे थे। इतना ही नहीं, बंदर बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर भी झपट्टा मारकर उन्हें घायल कर रहे थे। लगातार बढ़ती इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित गांवों में पिंजरे लगाने की मांग की थी।
शिकायतों के बाद शुरू हुई कार्रवाई
लालढांग रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अनुराग जोशी ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू किया गया है। पकड़े गए सभी बंदरों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर ले जाया जाएगा, जहां उनकी नसबंदी की जाएगी। इसका उद्देश्य बंदरों की लगातार बढ़ती आबादी पर नियंत्रण करना है।
उन्होंने बताया कि बंदरों को पकड़ने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसके तहत अन्य प्रभावित गांवों में भी पिंजरे लगाए जाएंगे। वन विभाग की इस पहल से बंदरों के आतंक से परेशान 11 गांवों के ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।