आईडीपीएल फैक्ट्री में बिजली सप्लाई बहाल नहीं होने से दवा उत्पादन ठप हो
गया। सोमवार को फैक्ट्री का शिष्टमंडल ऊर्जा सचिव से मिला और फैक्ट्री के
प्लांट में बिजली सप्लाई बहाल कराने की मांग की। फैक्ट्री प्रबंधन वैकल्पिक
व्यवस्था के अभाव में विभिन्न स्थानों से आई डिमांड को पूरा कराने को
उत्पादन नहीं करा पा रहा है।
आईडीपीएल फैक्ट्री प्रबंधन ने उत्तराखंड
पावर कारपोरेशन लिमिटेड को बिजली खपत का ढाई सौ करोड़ से अधिक का बकाये का
भुगतान करना है। यूपीसीएल की मानें तो उक्त भुगतान लगभग तीस साल से नहीं
किया गया है। जिसके चलते यूपीसीएल द्वारा बीते शनिवार की शाम को आईडीपीएल
फैक्ट्री की बिजली काट दी गई थी।
विद्युत आपूर्ति बाधित होने से
फैक्ट्री में पेयजल आपूर्ति भी पूरी तरह से ठप हो गई है। जिसके कारण यहां
कार्यरत कर्मचारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मगर
बिजली नहीं होने से दवा के उत्पादन में कितना प्रभाव पड़ा है इसके बारे में
आईडीपीएल प्रशासन खुलकर कुछ बोलने से बच रहा है।
सूत्रों की मानें तो
बिजली गुल होने से प्लांट में उत्पादन पूरी तरह से प्रभावित है, जिससे
सामान्य उत्पादन के साथ ही डिमांड का कार्य भी बाधित है। बताया जाता है कि
फैक्ट्री की बिजली बहाल कराने को लेकर आईडीपीएल प्रबंधन यूपीसीएल के सचिव,
एमडी समेत तमाम आला अफसरों के संपर्क में है, तो दूसरी तरफ आईडीपीएल शाखा
प्रबंधन ने इस मामले से आईडीपीएल के चेयरमैन को भी अवगत करा दिया है।
सूत्रों
की मानें तो मामला संज्ञान में आने के बाद दिल्ली स्थित मुख्यालय से
फैक्ट्री के चेयरमैन ने भी इस मामले में यूपीसीएल के अधिकारियों से फोन पर
वार्ता की है। मगर, अभी तक समाधान नहीं निकल पाया है। फैक्ट्री के
महाप्रबंधक जीएस बेदी का कहना है कि बिजली सप्लाई बहाल कराने के लिए
विभागीय और यूपीसीएल के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। उन्हें
उम्मीद है कि उत्पन्न समस्या का जल्द कोई न कोई समाधान हो जाएगा।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बंद
आईडीपीएल फैक्ट्री से ही आवासीय कालोनी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी
संबद्ध है। यूपीसीएल की कार्रवाई के बाद से ट्रीटमेंट प्लांट भी बंद पड़ा
है। तीन दिन बाद भी बिजली बहाल नहीं होने से क्षेत्र में गंदगी फैलने का भी
खतरा पैदा हो गया है। जिसको लेकर फैक्ट्री प्रबंधन और वहां रह रहे लोग
खासे आशंकित हैं।