- दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी यूपी से पहुंचे पर्यटक, नीलकंठ जाने वाले शिवभक्त भी बढ़े शिवपुरी से तपोवन पहुंचने में लगे दो घंटे
- आजादी के जश्न में जाम की कैद में तीर्थनगरी
ऋषिकेश। दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पहुंचे पर्यटक और नीलकंठ जाने वाले शिवभक्तों के कारण शनिवार-रविवार को तीर्थनगरी में जाम की स्थिति रही। रविवार को शिवपुरी से तपोवन पहुंचने में दो घंटे से अधिक समय लगा। हाईवे से लेकर शहर की गलियों तक वाहन रेंगते रहे।
शनिवार को त्रिवेणीघाट चौक से रामझूला तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। ऋषिकेश से रामझूला जाने वाले कई लोग जाम के कारण पैदल ही निकल पड़े। हाईवे पर जाम लगने के कारण ऑटो और विक्रम चालकों ने चौदहबीघा-भजनगढ़ रोड की ओर वाहनों का रुख कर दिया, जिससे गलियों में भी लंबी लाइनें लग गईं। कांवड़ यात्रा में आए पुलिस बल की वापसी के बाद यातायात व्यवस्था संभालने के लिए गिने-चुने पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवान ही तैनात रहे। शनिवार शाम गंगा आरती के दौरान त्रिवेणीघाट चौक से त्रिवेणीघाट तक भारी भीड़ रही और जाम जैसी स्थिति बनी रही। इसी भीड़ के बीच पुलिस वाहनों को त्रिवेणीघाट की ओर भेजती रही।
रविवार को भी नहीं मिली राहत-रविवार को चंद्रभागा पुल, कैलाश गेट, मधुवन आश्रम गेट, रामझूला और तपोवन तक वाहन रेंगते रहे। तपोवन से ब्रह्मपुरी तक वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं। वाहन चालकों ने सड़क पर तीन-तीन लाइनें बना ली थीं। शिवपुरी से तपोवन पहुंचने में दो घंटे से अधिक लग गए। यातायात पुलिस मुनिकीरेती की ओर से वाहनों को डायवर्ट नहीं किए जाने से स्थिति और बिगड़ गई। मौके पर यातायात पुलिस मुनिकीरेती के जवान भी नजर नहीं आए। जाम की स्थिति को लेकर यातायात निरीक्षक मुनिकीरेती को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
कोट-
शनिवार को वाहनों का ज्यादा दबाव था। रविवार को चंद्रभागा पुल से कैलाश गेट तक वाहनों का दबाव था। रामझूला पुल बंद होने के कारण नीलकंठ जाने वाले यात्री जानकी सेतु का प्रयोग कर रहे हैं। इसलिए हाईवे का यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रदीप कुमार, यातायात निरीक्षक ऋषिकेश।