मणिकूट यात्रा की तैयारियों को लेकर मणिकूट परिक्रमा समिति की ओर से घट्टूगाड़ स्थित आत्म कुटीर आश्रम में आश्रमाध्यक्ष राही बाबा के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें उत्तराखंड की इस पौराणिक यात्रा के लिए 10 मार्च की तिथि निर्धारित की गई।
परिक्रमा के संयोजक पूर्व राज्य मंत्री रमेश उनियाल ने बताया कि मणिकूट परिक्रमा 10 मार्च को सुबह 07:00 बजे लक्ष्मणझूला स्थित डीएम कैंप कार्यालय के समीप पांडव गुफा से शुरू होगी, जो इस परिक्रमा का प्रथम द्वार है। यह स्थान स्वर्ग आरोहण के समय पांडवों की तपस्थली रहा है। सतयुग में देवताओं के गुरु बृहस्पति ने यह स्थान पूजा था। त्रेता युग में लक्ष्मण ने इस स्थान पर तपस्या की। द्वापर युग में हनुमान की तपोभूमि यह स्थान रहा है।
इसके अतिरिक्त परिक्रमा यात्रा गरुड़चट्टी, फूलचट्टी, कालीकुंड, पीपलकोटी, दिउली, कुशाशील (त्याड़ो), विन्ध्यवासिनी, गोहरी, बैराज, गणेश चौड़, भैरव घाटी होते हुए पांडव गुफा में समाप्त होगी। इस दौरान यात्रा 12 द्वारों से होकर जाएगी। सभी 12 द्वारों की विधिवत पूजा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यात्रा में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की वृद्धि हो रही है। सभी यात्री अपने-अपने वाहनों से परिक्रमा में भाग लेंगे। समिति की ओर से सभी यात्रियों को निशुल्क जलपान एवं भोजन की व्यवस्था की जाएगी। यात्रा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन का सहयोग मांगा गया है। इस अवसर पर समिति के सचिव हितेश रस्तोगी, देवेंद्र, रवि शर्मा, समीर दत्ता, गौरव कंडवाल, सौरभ, आयुषी, ललिता राघव आदि मौजूद रहे।