पौराणिक नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए महाशिवरात्रि के पहले दिन से ही श्रद्घालुओें की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई। हर हर महादेव के जयकारों से मणिकूट पर्वत गूंज उठा। विभिन्न संस्थाओं की ओर से श्रद्घालुओं के नीलकंठ मार्ग पर ठहरने और भोजन का प्रबंध किया गया है।
प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के दौरान शिवभक्त बड़ी संख्या में पौराणिक नीलकंठ महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने को पहुंचते हैं। बृहस्पतिवार से ही श्रद्घालु बड़ी संख्या में पैदल मार्ग के जरिए नीलकंठ मंदिर पहुंचने लगे हैं। शाम को मोटर मार्ग के रास्ते बड़ी संख्या में शिवभक्त नीलकंठ मंदिर पहुंचे। यमकेश्वर क्षेत्र में स्थित मणिकूट पर्वत पर भगवान शिव का प्रसिद्घ नीलकंठ महादेव मंदिर स्थित है। ऋषिकेश के प्रसिद्घ शिवालयों में इस मंदिर का नाम प्रमुखता से गिना जाता है।
रामझूला से नीलकंठ पैदल मार्ग पर विभिन्न संस्थाओं मसलन बालक सेवा मंडल बरेली, नीलकंठ सेवा समिति, गीता भवन, करनाल और हरियाणा के श्रद्घालुओं की ओर से शिवभक्तों के लिए जगह-जगह ठहरने और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था भी की गई। लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्रांतर्गत चार सीओ, तीन कोतवाल, तीन थानाध्यक्ष, तीन महिला उपनिरीक्षक, नौ पुरुष उपनिरीक्षक, चार हेड कांस्टेबल, ढेड प्लाटून पीएसी मिलाकर कुल 157 पुलिसकर्मियों को महाशिवरात्रि में सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। नीलकंठ महादेव मंदिर के महंत सुभाष पुरी ने बताया कि आज तड़के बारह बजे श्रृंगार के बाद मंदिर के कपाट दर्शन और जलाभिषेक के लिए खोल दिए गए हैं। जो लगातार रात 10 बजे तक खुले रहेंगे। उन्होंने बताया कि रात 10 बजे से सुबह चार बजे तक चार पहर की आरती की जाएगी।
फूलों से सज उठा वीरभद्र महादेव मंदिर
ऋषिकेश। पौराणिक वीरभद्र महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां पूरी हो गई हैं। मंदिर को फूलों और लड़ियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के मौके पर यहां मंदिर परिसर में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। मंदिर के महंत राजेंद्र गिरी ने बताया कि आज तड़के 12 बजे पंचामृत से भगवान वीरभद्र महादेव को स्नान कराया जाएगा। तत्पश्चात श्रृंगार और आरती होगी। इसके बाद जलाभिषेक का क्रम शुरू होगा। जो दिन भर चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक चार पहर की आरती होगी।
रंगबिरंगी लाइटों से जगमगाया चंद्रेश्वर महादेव
ऋषिकेश। चंद्रभागा नदी व गंगा तट के संगम पर स्थित पौराणिक चंद्रेश्वर महादेव मंदिर को महाशिवरात्रि के लिए आकर्षक लाइटों और फूलों से सजाया गया है। मंदिर के महंत अखिलेश भारती ने बताया कि आज रात दो बजे भगवान चंद्रेश्वर महादेव का श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद जलाभिषेक का क्रम शुरू होगा। मंदिर में बेरिकेडिंग लगाकर पूरी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि रात को दस बजे से सुबह चार बजे तक चार पहर की आरती संपन्न होगी। आगामी 23 फरवरी को चंद्रेश्वर महादेव की डोली शोभा यात्रा नगर क्षेत्र में निकाली जाएगी। 24 फरवरी को विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा।
सोमेश्वर महादेव मंदिर में तैयारियां पूरी
ऋषिकेश। सोमेश्वर नगर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियां पूरी हो गई हैं। बृहस्पतिवार को सुबह सामूहिक रूप से यहां भगवान सोमेश्वर महादेव का रूद्राभिषेक किया गया। शाम को बाल कलाकारों एवं महिलाओं ने एकल व सामूहिक भजनों की प्रस्तुति दी। जिस पर श्रद्घालु जमकर झूमे। इस मौके पर मेयर अनिता ममगाईं, पार्षद अनिता रैना, मंदिर सदस्य रमेश अरोड़ा, किशोर गौड, सीमा रानी, बीना देवी आदि उपस्थित थे। मंदिर के महंत रामेश्वर गिरी ने बताया कि शुक्रवार सुबह चार बजे से श्रृंगार के बाद जलाभिषेक का क्रम शुरू होगा। जो दिन भर चलता रहेगा। उसके बाद रात आठ बजे के बाद चार पहर की आरती संपन्न होगी।
कल्याणकारी है महाशिवरात्रि व्रत
आज नौ प्रविष्ट फाल्गुन को महाशिवरात्रि का व्रत पवित्र एवं कल्याणकारक है। वैदिक ब्राह्मण महासभा के आचार्य गंगाराम व्यास ने बताया कि इसदिन जल में काले तिल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद व्रत का संकल्प लेकर व्रत आरंभ करें। रात्रि में भगवान शिव की पूजा करें व इसके बाद शिव कथा, शिव सहस्त्रनाम, शिव चालिसा का पाठ करें। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्रत में असमर्थ हो तो पंचाक्षरी मंत्र का जाप करे।
लेटकर नीलकंठ मंदिर को जाता शिवभक्त।- फोटो : RISHIKESH
चंद्रेश्वर महादेव मंदिर साज सज्जा का कार्य करते मजदूर।- फोटो : RISHIKESH
नीलकंठ पैदल मार्ग पर शिव की वेशभूषा में बैठा बालक।- फोटो : RISHIKESH
फूलों से सजा वीरभद्र महादेव मंदिर।- फोटो : RISHIKESH