कृषि उत्पादन मंडी समिति ने विवाद के चलते आढ़ती का मंडी लाइसेंस निरस्त कर दिया। इससे भड़के आढ़ती ने समर्थकों के साथ मंडी परिसर में हंगामा किया। मामले में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मंडी समिति सचिव के मुताबिक संबंधित शुल्क वसूलने के बाद मामला सुलझा दिया है।
मंडी समिति सचिव प्रभाकर रंजन लखेड़ा ने बताया कि मंडी परिसर स्थित एक फ्रूट एजेंसी के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों में पिछले काफी समय से विवाद चल रहा है। दुकान का किराया जमा नहीं करने, मंडी शुल्क नहीं देने, लाइसेंस नवीनीकरण कराए बिना आढ़त का कारोबार करने संबंधित अनियमितता पर कुछ दिन पहले नियमानुसार दुकान में ताला लगाकर आढ़ती का मंडी लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। मामले में मंगलवार को संबंधित आढ़ती कुछ लोगों के साथ मंडी कार्यालय पहुंचा और हंगामा करने लगा।
हंगामे के चलते पुलिस को बुलाना पड़ा। मंडी सचिव ने बताया कि काफी जद्दोजहद के बाद मंडी शुल्क जमा करने और मालिकाना हक का शपथ पत्र देने के बाद विवाद को सुलझा लिया गया। बताया कि विवाद चाचा युसूफ और भतीजे रफाकत के बीच चल रहा था। मामले में दोनों ओर से राजनीतिक दबाव भी पड़ रहा था।