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घर से लापता युवक को गुलदार ने बनाया निवाला

Fri, 30 Sep 2016 01:58 AM IST
rishikesh
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गुलदार - फोटो : amar ujala
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क्षेत्र में नरभक्षी गुलदार का आंतक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार शाम को गुलदार ने एक युवक को अपना निवाला बनाया। युवक का शव सत्यानारायण मंदिर के पास जंगल से बरामद हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा रहे वन विभाग के वाहन को स्थानीय लोगों ने रोका। उन्होंने वन विभाग की लचर कार्य प्रणाली पर गुस्सा जताया। साथ ही गुलदार को नरभक्षी घोषित कर मारने की मांग की। मोतीचूर रेंज अधिकारी महेंद्र गिरी के गुलदार की लोकेशन ट्रेस करने के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाने और उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की बात पर लोग शांत हुए। 
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छिदरवाला साहब नगर निवासी रोहित क्षेत्री (20) पुत्र भक्त बहादुर क्षेत्री बुधवार सायं सोंग नदी किनारे गया था। वहां गुलदार ने उसे निवाला बना डाला। देर रात रोहित घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोज की। परिजनों ने इसकी सूचना रात को वन विभाग को दी। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे तलाशी के दौरान रोहित का अधखाया शव सत्यानारायण मंदिर से लगभग 500 मीटर अंदर जंगल से बरामद हुआ। सूचना पर रेंजर महेंद्र गिरी, थानाध्यक्ष प्रदीप चौहान और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय स्थानीय लोगों ने वन विभाग के वाहन को घेर लिया। कहा कि गुलदार कई महीने से इलाके में सक्रिय है। लेकिन, वन विभाग गश्त नहीं बढ़ा रही है। पिंजरा भी नहीं लगाया गया। उन्होंने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर मारने की मांग की। रेंजर के जल्द पिंजरा लगाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। मृतक रोहित लालतप्पड एक्वगार्ड कंपनी में काम करता था। युवक के निधन पर विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजपाल खरोला, जिपं सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, अनिता कंडवाल व प्रधान राम सिंह असवाल ने दुख जताया। 

30 माह में आठ जिंदगी लील चुका गुलदार
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क से सटे रायवाला, हरिपुलकलां, छिद्दरवाला, गौहरीमाफी, प्रतीतनगर, बसंतीमाता क्षेत्र के लोग बीते दो साल से गुलदार के आतंक से परेशान हैं। पिछले 30 माह में गुलदार ने आठ लोगों को अपना शिकार बनाया। वहीं, 11 लोग जख्मी हो चुके हैं। बावजूद इसके वन विभाग गुलदार के आंतक से राहत नहीं दिला पा रहा है। यहां बता दें कि बीते 27 सितंबर को अमर उजाला ने ग्रामीणों की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इसके बाद भी वन विभाग हरकत में नहीं आया। नतीजा ये हुआ कि बुधवार को छिद्दरवाला साहबनगर के एक 20 वर्षीय युवक को गुलदार ने फिर से अपना शिकार बना डाला है। घर के आंगन में खेलते बच्चों से लेकर खेत में काम करने वालों पर गुलदार हमला कर चुका है। हालांकि वन विभाग ने इस क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों से छह दिसंबर 2014, 17 जनवरी 2015, 19 मार्च 2015 और वर्ष 2016 में चार गुलदारों को पिंजरे में कैद भी किया है। लेकिन, इसके बाद भी गुलदार के हमले जारी हैं। 


30 माह में ये लोग बने गुलदार के शिकार 
28 मार्च 2014 अनिकेत, 25 अक्तूबर कांशीराम नौटियाल, 2 फरवरी 2015दीपिका नेगी, 29 मार्च राजकुमार, 8 जून राजेश कुमार, 15 जून पुष्कर सिंह फरस्वाण, 7 सितंबर साधू सिंह, 18 नवंबर प्रवेश जोशी,


2014 से अब तक घायल हुए लोग 
छह मार्च 2014 कोमल तिवाड़ी, सात मार्च 2014 आकांक्षा पंवार, 19 मार्च 2014  दिवांशी  गिरी, 23 मार्च 2014 नीरज सिंह, 24 मार्च 2014 सुलोचना,  11  सितंबर  2016 श्रेया, कीर्ति सिंह 


जब भी गुलदार की सूचना मिलती है। वन कर्मियों को भेजा जाता है। सत्यानारायण मंदिर के पास हुई घटना को देखते हुए क्षेत्र में फिर से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा। -महेंद्र गिरी, वन क्षेत्राधिकारी मोतीचूर रेंज 
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