नटराज चौक से आशुतोष नगर तिराहा के बीच दून मार्ग का बुरा हाल है। मरम्मत और रख-रखाव के अभाव में मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। बालाजी बागीचे के सामने मार्ग के बीच बने गड्ढे हादसे का सबब बन रहे हैं। दिन तो वाहन चालक गड्ढों के नजर आने से किसी तरह बच निकलते हैं।
लेकिन रात में गड्ढों की चपेट में आने से लोगों का जख्मी होना आम हो चुका है। गड्ढे पाटने की मांग के बावजूद जिम्मेदार विभाग लापरवाह बना हुआ है। ऐसा लग रहा है अधिकारियों को किसी बड़े हादसे का इंतजार है। क्षेत्रवासी हमेश गिरी, अजीत सिंह कंडारी, लेखवार सिंह, बच्चीराम, नीरज चौधरी ने बताया कि दून मार्ग पर सावधानी हटी दुर्घटना घटी वाली कहावत एकदम सटीक बैठती है।
आए दिन राहगीर गड्ढों की चपेट में आकर हाथ पैर तुड़वा रहे हैं। लोगों का कहना है कि दिन में गड्ढे दूर से दिखाई देने पर दुपहिया वाहन चालक किसी तरह बच जाते हैं। लेकिन मार्ग पर पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। लिहाजा अंधेरा होने पर गड्ढों के नजर नहीं आने से दुपहिया वाहन सवार चपेट में आने से जख्मी हो रहे हैं।
कमोवेश यही हाल दून मार्ग को जोड़ने वाले व्यास मार्ग का भी है। यहां मार्ग के बीच बना बड़ा गड्ढा हादसे का सबब बना है। स्थानीय लोग पीडब्लूडी के अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही।
नटराज चौक से आगे दून मार्ग पर बने डिवाइडर भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। विभाग इनकी सुध नहीं ले रहा है, जिससे क्षतिग्रस्त डिवाइडर से भी टकराकर वाहन सवार चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में वीवीआईपी और वीआईपी के आगमन पर ही विभाग सड़क और डिवाइडर को दुरुस्त करता है। सामान्य दिनों में इनकी कोई सुध नहीं लेता।
दून मार्ग पर क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण होना है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। फिर भी हादसों की रोकथाम के लिए मार्ग पर बने गड्ढों का भरान कर दिया जाएगा।-सीपी सैनी, सहायक अभियंता, पीडब्लूडी