ढालवाला। तीर्थनगरी में ढालवाला स्थित मधुबन आश्रम की ओर से श्री जगन्नाथ रथ यात्रा भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं के जय जगन्नाथ और हरिनाम संकीर्तन के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। सोमवार को मधुबन आश्रम से विधि-विधान के साथ शुरू हुई यह रथ यात्रा कैलाश गेट, चंद्रभागा पुल, प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट और रेलवे रोड होते हुए गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा पहुंचकर संपन्न हुई। रथ यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर जगह जगह सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक मंडलों और श्रद्धालुओं ने फल, मिष्ठान का वितरण किया। यात्रा के आगे और पीछे चल रहे संकीर्तन मंडलियों के साथ-साथ पारंपरिक ढोल-दमाऊं और भजनों की धुनों पर श्रद्धालु थिरकते हुए नजर आए। मधुबन आश्रम में भगवान बलदेव, सुभद्रा और श्रीकृष्ण की झांकी निकाली गई। आश्रम हरे राम हरे कृष्णा के भजनों से गूंज उठा। भक्तों ने रस्सी के सहारे भगवान जगन्नाथ का रथ खींचा। जिस मार्ग से रथ को निकाला गया, उस मार्ग पर भक्तों ने झाड़ू से सफाई की। मधुबन आश्रम के परमानंद दास महाराज ने बताया कि भगवान जगन्नाथ अपने मंदिर के गर्भगृह से बाहर आकर भक्तों को दर्शन देते हैं। ताकि जो भक्त मंदिर तक नहीं पहुंच पाते वे भी उनका आशीर्वाद पा सकें।
गुरुद्वारा में जगन्नाथ यात्रा का समापन आपसी भईचारे का प्रतीक
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा जैसे पवित्र स्थल पर यात्रा का समापन होना क्षेत्र के आपसी भाईचारे और धार्मिक सद्भाव का प्रतीक बनता है। जहां विभिन्न समुदायों के लोग एक-साथ मिलकर यात्रा का स्वागत और सहयोग करते हैं। यात्रा मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ पर पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस मुस्तैद रही। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए थाना मुनि की रेती और कोतवाली ऋषिकेश की पुलिस टीमें पूरे मार्ग पर तैनात रहीं। पुलिसकर्मियों ने ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने के साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। जिससे श्रद्धालुओं और आम जनता को आवागमन में किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।