पांडवाज बैंड की प्रस्तुतियों से गूंजा कुंजापुरी मेला, देर रात तक झूमे दर्शक
- मंत्री सुबोध उनियाल ने की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की पहल की सराहना
ऋषिकेश। ऐतिहासिक 50वें सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या पांडवाज बैंड के नाम रही। बैंड के कलाकारों ने पारंपरिक पहाड़ी संगीत और आधुनिक धुनों के संगम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या में संगीत निर्देशक ईशान डोभाल के नेतृत्व में पांडवाज बैंड के कलाकारों ने राधा, म्योलड़ि, तिलगा, धाना, साम्ळौ, दारी अगास, जीतू बग्ड़वाल और धुंयाल जैसे गीतों की प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक ढोल-दमाऊं के साथ आधुनिक संगीत की धुनों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि मां कुंजापुरी मेला धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ ही स्थानीय व्यापार व रोजगार को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मेले के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति को नई पहचान देने और स्थानीय लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में मेला समिति ने पांडवाज बैंड के कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
मेले में संगीत निर्देशक ईशान डोभाल, मुख्य गायिका अनन्या डोभाल और गायक दीपक रावत ने प्रस्तुतियां दीं। मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पर्यटकों के पहुंचने से बाजारों में चहल-पहल बनी हुई है। स्थानीय व्यापारी सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि मेले में बढ़ी भीड़ से दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और स्टॉल संचालकों को लाभ मिल रहा है।
इस मौके पर पालिकाध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार, सभासद साकेत बिजल्वाण, सचिन भंडारी, विनीता, ममता, आभा, आशा, रवि नेगी, द्वारिका प्रसाद जोशी, महेश गुसाईं सहित बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
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