ऋषिकेश। बीते शनिवार को 98 अद्वैतानंद मार्ग ऋषिकेश में अंकित नारंग पुत्र ओमप्रकाश नारंग के घर पर हुई लाखों रुपये की चोरी का खुलासा हो गया। पुलिस ने चार चोरों को फकड़कर उनसे चोरी किया हुआ सामान बरामद कर लिया है। कोतवाली पुलिस ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि पुलिस छानबीन और सीसीटीवी कैमरे खंगालने के बाद पुलिस को कामयाबी मिली। इस छानबीन में पुलिस ने गौतम जाटव पुत्र कलीराम जाटव, निवासी मकान नं. 140, गली नं. पांच, शांतिनगर, ऋषिकेश, थाना कोतवाली ऋषिकेश जनपद देहरादून, सानू कुमार उर्फ यश कुमार पुत्र मोहन सिंह, निवासी गली नं. दो शांतिनगर, थाना कोतवाली ऋषिकेश जनपद देहरादून, मूल पता ग्राम बेरखे थाना स्योहारा जनपद बिजनौर उप्र. और विजय जाटव उर्फ अजय पुत्र शिवचरण निवासी मकान नं. 150, गली नं. पांच, शांतिनगर ऋषिकेश, थाना कोतवाली ऋषिकेश जनपद देहरादून सहित एक नाबालिग को पकड़ा। कोतवाली पुलिस को इनके पास से चोरी किया हुआ सामान, सोने की अंगूठी, मोबाइल, हार और नकदी आदि बरामद हुआ है। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। वहीं मकान स्वामी ने पुलिस टीम को 11 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।
पुलिस टीम में कोतवाली निरीक्षक रितेश शाह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक ओमकांत भूषण, उपनिरीक्षक आशीष गुसाईं, उपनिरीक्षक विनय शर्मा, कांस्टेबल नवनीत सिंह नेगी, मनोज कुमार, सोनी कुमार, अनित कुमार और संदीप छाबड़ी शामिल थे।
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चोरों ने इस तरह से दिया घटना को अंजाम
आरोपी सानू ने बताया कि वह अंकित नारंग के यहां काम करता था। उसे उनके घर व दुकान के संबंध में पूरी जानकारी थी। उसने बताया कि 19 दिसंबर को तीनों गली में खड़े होकर अंकित की पत्नी के घर से जाने का इंतजार करने लगे। जब वह घर पर ताला लगाकर चली गई, तब ये तीनों पीछे गली स्थित कांप्लैक्स के अंदर से होते हुए छत के रास्ते घर में घुसे और ज्वैलरी, नकदी और अन्य सामान चोरी कर वापस आ गए। फिर तीनों गौतम के पड़ोस में रहने वाले दोस्त विजय के पास गए और वहीं उसको सारी बातें बताकर चोरी के माल में से हिस्सा देने की बात कहकर उसके पास रुके। चोरी का सामान आपस में बांट दिया। 22 दिसंबर को ये सब चोरी का सामान देहरादून बेचने जा रहे थे।