टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की ओर से उत्तर प्रदेश के खुर्जा में प्रस्तावित ताप विद्युत परियोजना जल्द साकार होगी। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 1320 मेगावाट क्षमता वाली विद्युत परियोजना को मंजूरी दे दी है।
उल्लेखनीय है कि यह परियोजना बुलंदशहर के पास खुर्जा में 9,747.5 करोड़ की लागत से लगाई जानी है। संबंधित मंत्रालय से पर्यावरण मंजूरी मिलने का इंतजार था। अब क्रियान्वयन की हरी झंडी मिलने के बाद परियोजना जल्द धरातल पर नजर आएगी।
इससे उत्तर भारत में बिजली की कमी दूर हो सकेगी। संस्था उपप्रबंधक कारपोरेट संचार गौरव कुमार ने बताया कि कोयला मंत्रालय, भारत सरकार ने 29 अगस्त 2016 को इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मध्य प्रदेश के सिंगरौली में स्थित कोयला खदान आवंटित की जा चुकी है।
कोयला मंत्रालय और टीएचडीसी के मध्य करार भी हो चुका है। बताया कि खुर्जा ताप विद्युत परियोजना की कुल संस्थापित क्षमता 1320 मेगावाट होगी। इसमें 660 मेगावाट की दो यूनिट का प्रावधान है। गुजराज के पाटन और द्वारिका में पवन ऊर्जा परियोजना चालू की गई है। इससे टीएचडीसी की कुल संस्थापित क्षमता 1513 मेगावाट हो गई है।