श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में शनिवार को नीलकंठ महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा। करीब चार लाख कांवड़ियों ने मंदिर में मत्था टेका और जलाभिषेक कर पुण्य कमाया। देर शाम तक जलाभिषेक का सिलसिला जारी था। मणिकूट पर्वत की तलहटी पर बसा नीलकंठ क्षेत्र शिवमय रहा।
कांवड़ यात्रा के 12वें दिन नीलकंठ में लाखों श्रद्घालुओं ने दर्शन, पूजन और जलार्पण किया। सुबह तीर्थनगरी के विभिन्न घाटों पर मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाकर और गंगा जल लेकर श्रद्घालुओं ने नीलकंठ की यात्रा आरंभ की। हालांकि शनिवार को पैदल शिवभक्तों की अपेक्षा बाइक सवार अधिक रहे।
श्यामपुर बाईपास मार्ग, ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग में कैनाल गेट पर नाकेबंदी कर पुलिस बाइक सवार कांवड़ियों को शहर के अंदर प्रवेश करने से रोक रही थी। नीलकंठ महादेव मंदिर में ब्रह्ममुर्हत से शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला सांध्य कालीन आरती के बाद भी रहा। श्रद्घालु लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। समूचा क्षेत्र हर-हर महादेव, बोल बम के जयघोषों से गुंजायमान रहा।
शनिवार को रिकार्ड भीड़ के चलते रेलवे रोड, लक्ष्मणझूला रोड, रामझूला पुल केसरिया रंग में रंगा नजर आया। उधर, शहर के प्राचीन शिवालयों में भी श्रद्घालुओं की भीड़ रही। लोगों ने शिवालयों में शीश नवाया और जलार्पण किया।
पार्किंग पूरी पैक
शनिवार को नीलकंठ महादेव मंदिर में उमड़ी श्रद्घालुओं की भीड़ से पार्किंग स्थल पूरी तरह से पैक रहा। शनिवार को दुपहिया वाहन से कांवड़िए जलाभिषेक के लिए पहुंचे। लिहाजा पार्किंग स्थल पर दुपहिया वाहन ही नजर आए। पुलिस को व्यवस्था बनाने में जमकर पसीना बहाना पड़ा। रविवार और सोमवार को भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।