कांवड़ मेला के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पूरे कांवड़ मार्ग को चार जोन और 13 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सभी विभागों को 25 जुलाई तक हर हाल में कांवड़ मेले से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम देहरादून डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोमवार शाम डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कांवड़ मेला मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने आईडीपीएल मैदान में कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित पार्किंग, पेयजल, शौचालय, कंट्रोल रूम और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग को यात्रा मार्ग के गड्ढे भरने, पैचवर्क, पुलों की रेलिंग दुरुस्त करने तथा स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सिंचाई विभाग को गंगा घाटों पर सुरक्षा चेन लगाने और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए, जबकि नगर निगम को घाटों और आईडीपीएल मैदान में विशेष सफाई, प्रकाश व्यवस्था, फॉगिंग और दवा छिड़काव करने के आदेश दिए गए। निरीक्षण के दौरान एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सीओ तुषार बोहरा, नगर आयुक्त विजयनाथ शुक्ला, ईई लोनिवि बीएन द्विवेदी, तहसीलदार प्रदीप नेगी आदि मौजूद रहे।
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30 जुलाई से 11 अगस्त तक होगा कांवड़ मेला
डीएम डॉ. चौहान ने बताया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होगा। 31 जुलाई से 4 अगस्त के बीच सबसे अधिक भीड़ रहने की संभावना है, जबकि 8 से 11 अगस्त तक डाक कांवड़ चलेगी। 11 अगस्त को शिवालयों में जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा। डीएम ने अवैध दुकानों और फर्जी नाम से संचालित ढाबों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला पूर्ति अधिकारी को होटल-ढाबों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच, मूल्य सूची प्रदर्शित कराने और ओवररेटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।