गढ़ महोत्सव कार्यक्रम में लोक गायक धूम सिंह रावत, रजनीकांत सेमवाल के गानों पर लोग जमकर थिरके। वक्ताओं ने उत्तराखंडी सभ्यता, रीति-रिवाजों और भाषा-बोली को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में मेलों का आयोजन जरूरी बताया। इस दौरान नगर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
पौराणिक देवभूमि सोसाइटी और उत्तराखंड संस्कृति विभाग की पहल पर रायवाला खेल मैदान में तीन दिवसीय गढ़ महोत्सव के अंतिम दिन लोक गायक धूम सिंह रावत ने मेरी गजणा, सरीखा, पदमा और चंदनी नाग, मां धारी देवी के जागर की शानदार प्रस्तुती पेश की।
मेले में आए लोगों ने लोक गायक धूम सिंह से मेरी गजणा की सबसे अधिक फरमाइश की। गायक रजनीकांत सेमवाल ने टिकुलिया मामा, गायिका पूनम सती ने मन लगीगे गीत की मनमोहक प्रस्तुति से लोगों को देर रात तक कार्यक्रम में बांधे रखा। वहीं, संस्कृत विभाग की नृत्य टीम ने मां नंदा देवी की स्तुति पेश की।
इसके पहले मुख्य अतिथि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विशिष्ट अतिथि मंडी समिति के अध्यक्ष रामविलास रावत ने सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। इस मौके पर मेला आयोजक सुमन धस्माना, प्रधान शोभाराम रतूड़ी, उदिना नेगी, शिवा ढौंढिंयाल, राकेश तिवारी, संदीप गुप्ता, सच्चिदानंद पोखरियाल, डा. राजे नेगी, ललितानदं गिरी आदि उपस्थित रहे।