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Rishikesh News: परमार्थ निकेतन में आज से होगा अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव प्रारंभ

Sun, 09 Mar 2025 02:15 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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स्वर्गाश्रम स्थित परमार्थ निकेतन में नौ मार्च से अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आगाज होगा। महोत्सव में करीब 50 देशों के 900 से अधिक योग जिज्ञासु प्रतिभाग करेंगे। परमार्थ निकेतन गंगा आरती में आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक साध्वी भगवती सरस्वती दुनियाभर से आए योग प्रतिभागियों और योगाचार्यों का स्वागत करेंगे।



शनिवार को आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पत्रकार वार्ता आयोजित की। उन्होंने कहा कि नौ मार्च से 15 मार्च तक आश्रम परिसर में सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आध्यात्मिक ज्ञान सत्र में प्रसिद्ध योगाचार्य और स्वास्थ्य विशेषज्ञ जैक बुश, राम कुमार कुट्टी, गणेश राव, आमिश शाह, मीराबाई आदि शामिल होंगे। योगासन कक्षाएं गुरमुख कौर खालसा, शिव रै, स्टीवर्ट गिलक्रिस्ट, टॉमी रोसेन, किया मिलर, आनंद मेहरोत्रा, जय हरि सिंह आदि देंगे।
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संगीतमयी प्रस्तुतियों में प्रसिद्ध ड्रम वादक शिवमणि, गायक कैलाश खेर, गिल रॉन शामा, रुना रिजवी शिवमानी, एमसी योगी, गुरनमित सिंह आदि कलाकारों की प्रस्तुति होगी। महोत्सव में विशेष इको-फ्रेंडली होली उत्सव होगा। प्रसिद्ध ड्रम वादक शिवमणि की ओर से जोशपूर्ण ड्रम की धुनों के साथ नृत्य, फूलों से होली और इसके बाद गंगा स्नान का अद्भुत आयोजन किया जाएगा।



महोत्सव का शुभारंभ गंगा की आरती से किया जाएगा, जिसमें सभी को एकता, एकात्मता और सशक्त एकजुटता का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष महोत्सव में हम एक वैश्विक परिवार के रूप में एकजुट हो रहे हैं। दुनिया के अनेक देशों में विभाजन और हिंसा का वातावरण फैल रहा है, ऐसे में योग न केवल शरीर, मन और आत्मा का संगम कराता है, बल्कि राष्ट्रों के संगम में भी अद्भुत भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्यटन योजन घाम तापो का योग महोत्सव के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाएगा।
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यहां पर आकर योग करना सौभाग्य का विषय : साध्वी भगवती

साध्वी भगवती सरस्वती ने पवित्र भूमि पर जहां सैकड़ों वर्षों से संत योगी और ऋषि योग करते आ रहे हैं, यहां पर आकर योग करना बहुत सौभाग्य का विषय है। मां गंगा की गोद और हिमालय की दिव्य ऊर्जा का अनुभव यहां पर होता है।
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