एम्स में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते एम्स निदेशक प्रो.रविकांत व अन्य।
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ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय मंच इंटिग्रेटेड एसोसिएशन ऑफ मेडिकल, बेसिक एंड सोशल साइंटिस्ट (आईएएमबीएसएस) की पुस्तिका का राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अशोक बेरी और एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने संस्था की वार्षिक पुस्तिका का विमोचन किया। आईएएमबीएसएस की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में 35 लोगों ने रक्तदान किया।
एम्स निदेशक ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में मेडिकल साइंस के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान को भी सम्मिलित किया जाना नितांत आवश्यक है, जिससे चिकित्सक और आम व्यक्ति के मध्य संवादहीनता नहीं हो। उन्होंने कहा कि कम्युनिकेशन स्किल के ज्ञान के बिना आप अपनी बात को सही तरीके से दूसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंचा सकते। आरएसएस की केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य अशोक बेरी ने कहा कि समाज में एक दूसरे के प्रति भेदभाव से समाज बंट रहा है, लिहाजा इस मानसिकता को सामूहिक प्रयासों से समाप्त किया जाना चाहिए, तभी किसी समाज व राष्ट्र की उन्नति हो सकती है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के बाद विश्व के वैज्ञानिक मनुष्य में रोगों के बढ़ने के कारणों के साथ साथ इम्युनिटी डेवलपमेंट विषय पर शोधकार्य में जुटे हुए हैं। खासकर कोविड19 का दुनिया के मुकाबले भारत में कम असर के मद्देनजर यहां के खान-पान पर खासतौर से अध्ययन कर रहे हैं। संस्थान के डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने आईएएमबीएसएस की समाज के विभिन्न वर्गों में समन्वय के प्रयासों की सराहना की और इसे अच्छी पहल बताया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील जोशी, हंस फाउंडेशन के राज्य प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट ने भी विचार रखे। कार्यक्रम डॉ. मनिंदर, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. जितेंद्र गैरोला, डॉ. प्रमोद के अलावा संस्था के सदस्य संदीप, मिथलेश, अनमोल, अवधेश, सरोज भट्ट आदि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर एम्स की प्रो. सत्यावती राना, डॉ. बलरामजी ओमर, सूरज भट्ट, डॉ. सुधांशु, डॉ. अनिरुद्ध उनियाल आदि मौजूद थे।