देहरादून एयरपोर्ट पर महिला कर्मचारियों को सुरक्षित कार्य के लिए बेहतर वातावरण बनाने को लेकर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 (पॉश एक्ट) की जानकारी दी गई।
सामाजिक कार्यकर्ता रचना पांधी ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए पॅाश एक्ट बनाया गया है, जिसे 9 दिसंबर 2013 को लागू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
पॉश एक्ट के अंतर्गत सभी सरकारी और गैरसरकारी संस्थान आते हैं, जिसमें तमाम विभाग, संस्थाएं, क्रीड़ा स्थल, होटल, दुकानें शामिल हैं। जिस भी स्थान पर कोई महिला वैतनिक या अवैतनिक रूप से कार्य करती है, उसे कार्यस्थल ही माना जाएगा। इसमें घरों में काम करने वाली महिलाएं भी शामिल हैं।
एयरपोर्ट के कार्यकारी निदेशक दीपक चमोली ने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम में एएआई, सीआईएसएफ, बीसीएएस, एयरलाइंस तथा अन्य हितधारक संगठनों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर इस अवसर पर संयुक्त महाप्रबंधक (ऑपरेशंस) नितिन कादियाल, सहायक महाप्रबंधक (इलेक्ट्रिकल) ऋषिराज बागड़ी, कनिष्ठ अभियंता (एटीसी) शालिनी, सीआईएसएफ इंस्पेक्टर शालिनी गुप्ता, ललिता, आदि उपस्थित रहे।