रेल हादसे की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए रेलवे ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। तीर्थनगरी से आवाजाही करने वाली एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन की नियमित जांच शुरू कर दी है। मसलन रेल के प्रत्येक कोच में रोलिंग स्टोक, ग्रीसिंग, पानी भंडारण के साथ फॉग सिग्नल की जांच का प्रावधान है। अब ट्रेन एक्जामर से ओके स्लिप मिलने के बाद ही ट्रेन को रवाना किया जाएगा।
कानपुर के पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस के दुर्घटना ग्रस्त होने से करीब 147 पैसेंजरों की मौत हो गई थी। इस हादसे से सबक लेते हुए रेलवे ने सुरक्षा को लेकर एहतियात बरतने शुरू कर दिए हैं।
सीनियर डिवीजन सेफ्टी ऑफिसर नार्दन रेलवे मुरादाबाद मंडल ने स्थानीय स्टेशन अधीक्षक को पत्र प्रेषित कर स्टेशन से रवानगी से पूर्व प्रत्येक ट्रेन की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यदि किसी तरह की तकनीकी खराबी है तो उसे दुरुस्त करने के बाद गंतव्य की ओर रवाना करें।
स्टेशन मास्टर मनोज सिंह ने बताया कि रवानगी से पहले हरिद्वार से आने वाले ट्रेन एक्जामनर प्रत्येक ट्रेन की गहनता से जांच करते हैं। ओके स्लिप मिलने के बाद ही ट्रेन को निर्धारित समय पर रवाना किया जा रहा है।