श्रावण मास के पहले सोमवार को बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने रामझूला पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। ऐसे में स्थानीय लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। रविवार दोपहर से ही कांवड़ियों की आमद काफी बढ़ गई है। कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ के कारण स्थानीय लोगों को पुल पर पैदल आवाजाही करनी पड़ी।
सोमवार को अधिक भीड़ होने की संभावना को देखते हुए रामझूला पुल पर पूरी तरह से दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। रविवार को भी पुलिस ने कई दोपहिया वाहन सवारों को पुलिस ने पुल पार नहीं करने दिया। इससे मायूस होकर दोपहिया वाहन सवारों को पैदल ही पुल पार जाना पड़ा। अधिक आवश्यकता होने पर कई स्थानीय लोगों को गरुड़चट्टी पुल से लंबी दूरी तय कर आवाजाही करनी पड़ी। इस कारण स्थानीय लोगों को खासी परेशानियां भी उठानी पड़ी।
एसएसपी टिहरी योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सावन का पहला सोमवार होने के कारण रामझूला पुल पर रविवार से ही दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोमवार को भी पुल पर सुबह छह बजे से ग्यारह बजे तक दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर पूर्णतया प्रतिबंध होगा। भीड़ की स्थिति को देखते हुए ही पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही करने की इजाजत दी जाएगी।
1,18,150 श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
रविवार को नीलकंठ में कांवड़ियों की आस्था का सैलाब टूट पड़ा। इस दौरान 1,18,150 श्रद्धालुओं ने महादेव की पूजा अर्चना करते हुए जलाभिषेक किया। सुबह से ही श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए लाइनों में खड़े रहे। दिन भर नीलकंठ जाने वाले पैदल मार्ग का चप्पा-चप्पा भोले के जयकारों से गूंजता रहा। सुबह तेज बारिश के चलते कांवड़ियों की आमद कम रही, लेकिन दोपहर होते-होते कांवड़ियों की भीड़ बढ़ती गई। बाघ खाला, मौनी बाबा और नीलकंठ में विभिन्न जगहों पर कांवड़ियों के लिए भंडारे आयोजित किए गए हैं। पैदल मार्ग पर जगह-जगह दुकानें भी सज गई हैं। मौनी बाबा में भी नीलकंठ और बैराज जाने के लिए टैक्सी वाहन सेवा लगाई गई है। वर्तमान में आने वाले अधिकांश कांवड़िये दिल्ली और हरियाणा राज्यों से हैं।
कठिन डगर पार करके पहुंच रहे हैं नीलकंठ
गीली मिट्टी और पत्थरों की चुभन की परवाह किए बिना कांवडिए लेटकर नीलकंठ पहुंच रहे हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते नीलकंठ पैदल जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह पत्थर और मिट्टी आ गई है। इसके कारण नंगे पैर आवाजाही करने में कांवड़ियों को खासी परेशानियां हो रही है। इन परेशानियों से बेखबर कुछ कांवड़िए लेटकर मणिकूट पर्वत पर नीलकंठ दर्शन को जा रहे हैं। रविवार को भी इस प्रकार का नजारा देख आसपास मौजूद शिवभक्तों ने भी भोले के जयकारे लगाने शुरू किए और लेटकर नीलकंठ जाने वाले कांविड़यों का हौसला बढ़ाया।
शहर से नहीं हटाए आवारा पशु
कांवड़ मेला शुरू होने से पूर्व तीनों जिलों के जिलाधिकारियों ने शहर से आवारा पशुओें को हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कहीं भी कोई कार्रवाई नजर नहीं आई। नगर निगम ऋषिकेश, मुनिकीरेती पालिका और पंचायत स्वर्गाश्रम में आवारा पशुओं का रोड मेें घूमना बदस्तूर जारी है। आवारा पशु मुख्य मार्गों पर ठिकाना बनाकर जाम लगा रहे हैं।
तपोवन से नहीं लक्ष्मणझूला से जा रहे कांवड़िए
ऋषिकेश। कांवड़ मेले में प्रशासन के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नीलकंठ से वापसी आने वाले कांवड़ियों को लक्ष्मणझूला होते हुए स्वर्गाश्रम क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है। जबकि प्रशासन के आदेशों के अनुसार कांवड़ियों से भरे टैक्सी वाहनों को गरुड़चट्टी पुल से तपोवन बाईपास मार्ग पर डायवर्ट किया जाना है। पूर्व में कांवड़ मेले की तैयारियों को हुई बैठक में एसएसपी पौड़ी के आदेशों के अनुसार कांवड़ियों को नीलकंठ से लाने वाले वाहनों को गरुड़चट्टी पुल से तपोवन बाईपास में डायवर्ट किया जाना है, लेकिन टैक्सी चालक लक्ष्मणझूला से होते हुए कांवड़ियों को स्वर्गाश्रम क्षेत्र में छोड़ रहे हैैं। इस पर एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर का कहना है यदि कांवड़ियों से भरे वाहन लक्ष्मणझूला क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैैं तो यह गलत है और नियमों का उल्लंघन है। कांवड़ियों से भरे वाहन गरुड़चट्टी से तपोवन बाईपास होते निकासी करेंगे।