साहबनगर में कृषि भूमि सुरक्षा के नाम पर बरसाती नाले को पाट दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसाती नाला संक्रीण हो गया है। इससे गांव के लिए बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आरोप है कि व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के लिए नाले को छोटा किया जा रहा है।
साहबनगर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जाखन नाले में कृषि भूमि सुरक्षा का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों को जमीन का व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के लिए पूरे गांव को खतरे में डाला जा रहा है। इस कार्य को क्षेत्र पंचायत की ओर से कराया जा रहा है। खास बात यह है कि नाले की चौड़ाई को घटाकर कम किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में आने वाले उफान से गांव में बाढ़ का पानी घुस जाता है। अब नाले को संक्रीण बनाने से बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीण पूनम देवी, पुष्पा, तेज बहादुर, अनिल पुन, प्रेम बहादुर, मोहन सिंह राणा और मनु थाना का कहना है कि इस मामले में एक पत्र ग्राम प्रधान को भी सौंपा गया है।
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि इस तरह का कोई कार्य किया जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- स्मृति परमार, एसडीएम ऋषिकेश।
इस मामले की जानकारी नहीं है। कार्य नियमानुसार किया जाना चाहिए। यदि इसमें कुछ गडबड़ी है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
- सोमन, खंड विकास अधिकारी।