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गंगा के प्रतिबंधित दायरे में खुलेआम अवैध निर्माण

Sat, 06 Feb 2016 03:25 AM IST
ऋषिकेश, अमर उजाला ब्यूरो
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मनोज सिंह राणा
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मुनिकीरेती। लक्ष्मणझूला और तपोवन क्षेत्र में हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां गंगा के ठीक ऊपर महज पांच से दस मीटर के दायरे में अवैध निर्माण कार्य बेरोकटोक जारी हैं। जबकि हाईकोर्ट के आदेशानुसार नदी के दो सौ मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर पूर्ण प्रतिबंध है।

लक्ष्मणझूला रोड पर तपोवन के नीचे गंगा के ऊपर बने होटल गंगाबीच रिजॉर्ट में एनजीटी के आदेश के बावजूद तलहटी में खुलेआम अवैध निर्माण कार्य जारी है। वह भी ऐसे में जब एनजीटी ने होटल स्वामी को कुछ महीने पहले इस संबंध में नोटिस जारी किया था। लेकिन होटल स्वामी ने नोटिस भूलकर फिर से प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण शुरू करा दिया। दूसरी ओर लक्ष्मणझूला स्थित संत सेवा आश्रम के समीप गंगा से करीब 50 मीटर की दूरी पर नियम कायदों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण कार्य जारी है।
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इस आश्रम के आगे से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर रोजाना कई बार जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों का भी आना-जाना लगा रहता है। लेकिन वे भी नदी के मुहाने पर चल रहे निर्माण कार्य की ओर झांकना उचित नहीं समझते। अवैध निर्माण रोकने के जिम्मेदार हरिद्वार विकास प्राधिकरण के साथ ही टिहरी और पौड़ी प्रशासन भी हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों के परिपालन में लापरवाही बरत रहे हैं। लिहाजा दोनों ओर से गंगा घेरने की प्रतिस्पर्धा जारी है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हरिद्वार विकास प्राधिकरण हाईकोर्ट और एनजीटी के नियम कायदों को सिर्फ गरीब लोगों पर लागू कराता है। जबकि गंगा तटों पर प्रतिबंधित दायरे और सरकारी भूमि घेरने वाले रसूखदारों के मामले में नियम कानून भुला दिए जाते हैं। इस बारे में एचडीए की सचिव निधि यादव से कई बार संपर्क करने पर भी उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया।

होटल गंगाबीच रिजॉर्ट के प्रोपराइटर को एक सप्ताह पहले नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद यदि निर्माण कार्य चल रहा है, तो जल्द उचित कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्मणझूला क्षेत्र में अवैध निर्माण का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो जल्द इस पर रोक लगाई जाएगी।
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-विजय माथुर,  सहायक अभियंता एचडीए

गंगा किनारे अवैध निर्माण को रोकने का मामला एचडीए का है। प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध तरीके से निर्माण संबंधी जानकारी प्राधिकरण को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद एचडीए कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।
-श्रेष्ठ गुनसोला, तहसीलदार यमकेश्वर, कार्यवाह ईओ नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक, पौड़ी गढ़वाल
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