डोईवाला। जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए करीब दस हजार पेड़ों के कटान का विरोध करते हुए रविवार को सैकडों लोगों ने मानव श्रृंखला बनाई। तमाम संगठनों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में पेड़ों के पातन का विरोध किया।
दृष्टिकोण समिति की पहल पर रविवार को पेड़ों को बचाने के लिए समिति के अलावा हिमालय पुत्र संगठन, मिट्टी फाउंडेशन, एचएसआई, मैड फाउंडेशन, एफएफआई संगठन और अन्य कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट के मार्ग पर पहुंचकर आम लोगों के साथ मिलकर मानव श्रृंखला को बनाया।
समिति के अध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि एयरपोर्ट का विस्तार करने के लिए हजारों पेड़ों की बलि देना दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि पेड़ों को चिपको आंदोलन की तर्ज पर ही बचाया जाएगा। मैड एनजीओ के करण कपूर ने कहा कि पहले भी एयरपोर्ट विस्तारीकरण के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों को काटा गया है। इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। पर्यावरण प्रेमी विनोद बगियाल ने कहा कि पेड़ों के कटने से वन्य जीवों का प्रवास खत्म होगा। इससे पर्यावरण पर असर पड़ना स्वाभाविक है। प्रतीक बहुगुणा ने कहा कि यदि पेड़ों का पातन होता रहा तो राज्य की प्राकृतिक संपदा नष्ट हो जाएगी। इस दौरान समाजसेवी मनीष यादव,अमित सैनी,रवि बिष्ट, राहुल सैनी, उदय उनियाल, सलोनी रावत, आशिक अली,शुभम कांबोज, लुकमान अहमद, सतनाम सिंह, सूरज भट्ट, आशीष चमोली, आयुश जोशी, राजन थापा और हर्षित उनियाल आदि थे।
एयरपोर्ट विस्तारीकरण पर्यावरण का रखा जाएगा ध्यान
डोईवाला। जौलीग्रांट एयरपोर्ट निदेशक डीके गौतम ने कहा कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर कुछ लोगों की ओर से नकारात्मक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर पर्यावरण के सभी पहलुओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। राज्य सरकार सभी व्यवस्थाओं को बेहतर एक कार्रवाई करेगी। बिना जांच पड़ताल और ज्ञान के सोशल मीडिया ऐसे अभियान चलाना उचित नहीं है।