सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह महाराज का प्रकाश उत्सव तीर्थनगरी में धूमधाम से मनाया गया। श्री हेमकुंड गुरुद्वारा में आयोजित मुख्य समारोह के तहत विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए। कीर्तन दरबार में रागी जत्थों ने संगत को गुरुवाणी कथा और कीर्तन से संगत को निहाल कर दिया।
शनिवार को गुरु गोबिंद सिंह महाराज के 350वें प्रकाशोत्सव के तहत नगर क्षेत्र के विभिन्न गुरुद्वारों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। लक्ष्मणझूला मार्ग स्थित श्री हेमकुंड गुरुद्वारा में आयोजित समारोह में सुबह श्री अखंड पाठ साहिब का भोग डाला गया। इसके बाद आरती और शबद कीर्तन आयोजित किया गया।
इस अवसर पर आयोजित गुरुमत समागम में हजूरी रागी भाई प्रदीप सिंह के अलावा दिल्ली की बीबी कामिया कौर, लुधियाना के भाई सुखदेव सिंह, भाई अमनदीप सिंह, ऋषिकेश निर्मल आश्रम के डॉ. देवा प्रसाद कार ने गुरुवाणी कीर्तन और गुरमत विचारों से श्रद्धालुओं को निहाल किया। साथ ही महंत भूपेंद्र गिरि ने दसम पातशाही गुरु गोबिंद सिंह जी की वाणी जाप साहिब पर प्रवचन दिए। गुरु पर्व पर पंजाब से आई गतका पार्टी ने सिख मार्शल आर्ट का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।
देर रात दीपमाला और आतिशबाजी के कार्यक्रम भी हुए। इस अवसर पर निर्मल आश्रम के महंत जोध सिंह, गुरुद्वारा के ट्रस्टी सरदार नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा, ट्रस्ट सचिव जनक सिंह, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, जोगिंदर सिंह बेदी, पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, राजपाल खरोला, हर्षवर्धन शर्मा, सिंहसभा के प्रधान हाकम सिंह, हेडग्रंथी भाई लाहौर सिंह, विशन खन्ना, विनय उनियाल, गोविंद सिंह, बूटा सिंह, महंत बलवीर सिंह, तेजेंद्र सिंह, जगमीत सिंह, विनोद शर्मा, एसएस बेदी, सीपी डंग, इंद्र कुमार गोदवानी, दर्शन सिंह, अमर सिंह, बीएस पुंडीर, गगनदीप सिंह आदि मौजूद थे।
गुरुद्वारों में मनाया गया प्रकाश पर्व
गुरु पर्व के अवसर पर हेमकुंड गुरुद्वारा में आयोजित मुख्य समारोह के अलावा श्री गुरु सिंह सभा ऋषिकेश, नूनावाला गुरुद्वारा डोईवाला, श्यामपुर गुरुद्वारा, शेरगढ़ गुरुद्वारा, फतेहपुर माजरी आदि गुरुद्वारों में भी गुरु पर्व के आयोजन हुए। इसमें काफी संख्या में सिख श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया।