गुलदार ने यमकेश्वर ब्लॉक के टोला, पंपा, तुरेड़ा और दुबड़ा गांव के लोगों का चैन सब कुछ छीन लिया। शुक्रवार सुबह नौ बजे गुलदार टोला खंडगांव के तुरेड़ा निवासी बलदेव चंद के आंगन में बंधी बकरी को उठा ले गया। इसके बाद गुलदार ने पंपा गांव में दस्तक दी और जगदीश की बकरी व बचन चंद का बछड़े को मार दिया।
दुबडा गांव में भी बीती रात गुलदार ने एक मवेशी को निवाला बनाया। बता दें, बीते दिन भी गुलदार ने टोला गांव के जयपाल सिंह राणा के पालतू कुत्ते को मार डाला था। कुछ दिन पहले ही गुलदार जयपाल की चार बकरियों को शिकार बनाया था। बीते आठ दिनों के अंतर्गत गुलदार अलग-अलग गांवों से एक दर्शन मवेशियों का शिकार कर चुका है।
गौरतलब है कि 26 जनवरी को यमकेश्वर के देवराना गांव में गुलदार ने तीन वर्षीय बालक को अपना निवाला बनाया था। इसके बाद सात फरवरी को वन विभाग ने देवराना गांव से एक गुलदार को पिंजरे में कैद भी किया था। बावजूद इसके यमकेश्वर क्षेत्र के लोगों को गुलदार के आंतक से निजात नहीं मिल पाई है। गुलदार के डर से महिलाओं ने घर से निकलना छोड़ दिया है।
बच्चे अकेले स्कूल जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने वन कर्मियों पर नियमित गश्त न करने का आरोप लगाया है। सोहन सिंह राणा, नरेंद्र सिंह राणा, दिनेश राणा, कोमल सिंह राणा का कहना है कि वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी टालमटोल कर हिंसक जंगली जानवारों से सुरक्षा के लिए कोई भी उपाय नहीं कर रहे हैं।