विकासखंड के बुकंडी ग्राम पंचायत में पंचायत भवन न होने से जर्जर सामुदायिक महिला मिलन केंद्र में बैठक आयोजित हो रही हैं। राज्य निर्माण के 24 वर्षों बाद भी गांव में पंचायत भवन का निर्माण नहीं हो पाया है।
यहां विंध्यवासिनी मंदिर के समीप ही सामुदायिक महिला मिलन केंद्र है, जो वर्ष 1989 में निर्मित हुआ था। अब भवन जर्जर स्थिति में है। छत का प्लास्टर उखड़ रहा है। बरसात में भवन की छत से पानी टपकता है।
भवन में फर्नीचर भी टूटा और इधर-उधर बिखरा हुआ है। भवन के दरवाजे, खिड़कियां टूटी हुई हैं। इस भवन में एक हॉल और दो कमरे हैं। नियमानुसार नए पंचायत भवन के निर्माण के लिए पहले ग्राम पंचायत के नाम रजिस्ट्री होनी अनिवार्य है, उसके बाद ही भवन निर्माण हो सकता है। बुकंड़ी में जमीन उपलब्ध न होने के कारण मजबूरन जीर्णशीर्ण भवन में ही बैठकें आयोजित होती हैं।
बुकंडी ग्राम पंचायत में कुल सात वार्ड हैं। वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार बुकंडी ग्राम पंचायत में 577 मतदाता थे। पंचायती राज विभाग के नियमानुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में तिमाही में एक बैठक और वर्षभर में चार बैठकें होना जरूरी हैं।
इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं और आपदा के दौरान अन्य महत्वपूर्ण बैठकें भी पंचायत भवनों में आयोजित होती है। निवर्तमान ग्राम प्रधान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत भवन निर्माण के लिए भूमि नहीं मिल पा रही है। जिस कारण न तो इस भवन की मरम्मत हो पा रही है, न नए भवन का निर्माण हो पा रहा है।
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कोट
गांव में पंचायत भवन निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति मिली है, लेकिन गांव में भवन निर्माण के लिए भूमि न मिल पाने के कारण महिला मिलन केंद्र में ही ग्राम पंचायत की बैठकें आयोजित की जाती हैं। - आशु यादव, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी