आयोजित श्रीमद भागवत कथा में उमड़ी भक्तों की भीड़।
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श्यामपुर स्थित गुमानीवाला में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा प्रवचन करते हुए आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने कहा कि कलयुग में भगवान का पावन नाम ही कल्याण का सबसे सुगम रास्ता है। जो एकाग्रचित होकर राम नाम का जप करते हैं परमात्मा उनके जीवन के सारे कष्टों का हरण कर लेते हैं।
भगवान की भक्ति करने के लिए दर-दर भटकने की जरूरत नहीं है। घर में बैठकर भी भक्ति की जा सकती है। चंचल हृदय वालों को परमात्मा की प्राप्ति नहीं होती है। गुरु केवल सिर पर हाथ रखकर मनुष्य का कल्याण कर देंगे यह भ्रम है।
सच्चा गुरु वही है जो भगवान और भक्ति का महत्व बताकर मनुष्य को शारीरिकता ओर सरलता की ओर ले जाए। इससे वह अपने जीवन में ईमानदारी से जीविका पालन का प्रेरणा स्रोत बने। पाखंडियों के पास भटकना भी पाप है।
कथा वाचक ममगाईं ने गो और भ्रूण हत्या का श्रवण करते हुए कहा कि भारतवर्ष तब तक स्वाधीन नहीं माना जाएगा जब तक इस धरा और धाम में गौ हत्या और भ्रूण हत्या समाप्त नहीं होगी। इस अवसर पर टीकाराम, बिंदु, लाखीराम, उमा, जवाहर, दिनेश, सुभांकर, अक्षत, अदिति, गीता, हर्षमणि, सुरेश कुड़ियाल व धर्मानंद आदि उपस्थित रहे।