अंतरराष्ट्रीय तीर्थ एवं पर्यटन स्थल लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम के बाघखाला, भूतनाथ, पौड़ी डीएम कैंप कार्यालय के आसपास, गंगा किनारे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। लेकिन पार्क के साथ ही तीर्थ और गंगा को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए बनी ईको विकास समिति का कहीं अता पता नहीं है।
डंप गंदगी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रशासन ने अक्तूबर 2015 में ईको विकास समिति का गठन किया था। तब दावा किया गया था कि समिति क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और कूड़ा निस्तारण के लिए कार्य करेगी।
लेकिन तीर्थ क्षेत्र की वर्तमान तस्वीर बता रही है कि समिति अपने उद्देश्यों पर खरा उतर पाने में पूरी तरह नाकाम है। देश-दुनिया के सैलानियों के आमद वाले इस क्षेत्र में जंगल, सड़क, चौक, चौराहों से लेकर गंगा घाटों और तटों तक जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। खासकर गंगा तटों पर डंप की जा रही गंदगी से मोक्षदायिनी मैली हो रही है। मार्गों और जंगलों के किनारे जमा गंदगी से क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है।
दिखावा साबित हुआ शुरुआती स्वच्छता अभियान
समिति गठन के दौरान समिति से जुड़े कार्यकर्ताओं और पार्क प्रशासन के नुमाइंदों ने कुछ दिनों तक तीर्थ क्षेत्र के आसपास स्वच्छता अभियान चलाकर गंदगी की सफाई की थी। लेकिन यह महज चंद दिनों का प्रचार साबित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि समाचार में आने के बाद समिति अपने मूल उद्देश्य को भूल गई। नतीजतन वर्तमान में क्षेत्र में गंदगी फिर से पुरानी सूरत अख्तियार कर चुकी है। बाघखाला में जमा गंदगी के कारण अर्द्धकुंभ मेले के दौरान नीलकंठ पैदल मार्ग से प्राचीन शिवालय के दर्शन को जाने वाले शिव भक्तों को परेशानी हो रही है। इससे पर्यटकों में तीर्थ की छवि खराब हो रही है। बावजूद इसके समिति के जिम्मेदार लोग मूक बने बैठे हैं।
व्यक्तिगत व्यस्तता के कारण समिति के कार्यकर्ता इस ओर उचित ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। लेकिन जल्द ही आसपास फैली गंदगी को हटाने के लिए फिर से अभियान चलाया जाएगा। क्षेत्र को व्यवस्थित किया जाएगा।-अमन बिष्ट, अध्यक्ष ईको विकास समिति, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क