तीर्थनगरी में चार साल बाद फिर से भूमि की रजिस्ट्री हो सकेगी। जिलाधिकारी देहरादून रविनाथ रमन ने रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश को नगर क्षेत्र में भूमि की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मामले में हाईकोर्ट से रोक हटने के लगभग एक महीने बाद प्रशासन ने इसका आदेश पारित किया है।
गौरतलब है कि एक जनहित याचिका पर उच्च न्यायालय ने 23 नवंबर 2011 को नगर क्षेत्र में भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी थी। छह महीने पूर्व शहरवासी दिनेश कोठारी ने रोक को हटाने के लिए न्यायालय में जनहित याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर 2015 को नगर क्षेत्र में भूमि संबंधी रजिस्ट्री पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बावजूद सरकार की ओर से इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
लेकिन 12 जनवरी को डेवलपर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने इस दिशा में जिलाधिकारी और राजस्व सचिव से मुलाकात कर उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद जिला प्रशासन ने रजिस्ट्रार कार्यालय ऋषिकेश को नगर क्षेत्र में भूमि संबंधी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। फिर से भूमि रजिस्ट्री शुरू होने से यहां बसने और घर बनाने वालों को राहत मिलेगी।
रजिस्ट्री संबंधी आदेश जारी कराने के लिए वरिष्ठ कांग्रेसी राजपाल खरोला, जयेंद्र रमोला और एसोसिएशन ने सीएम हरीश रावत और उनके औद्योगिक सलाहकार रणजीत सिंह रावत का आभार जताया है।
ऋषिकेश में 2011 के पहले जहां रजिस्ट्री होती थी वहां रजिस्ट्री यथावत होती रहेंगी। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। इससे राजस्व का भी फायदा होगा और लोगों को राहत मिलेगी।-रविनाथ रमन, जिलाधिकारी, देहरादून