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आबादी के पास कूड़ा निस्तारण परियोजना मंजूर नहीं

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- गुमानीवाला में स्थति लालपानी बीट में पर्यावरण की स्वीकृति को लेकर जन सुनवाई के दौरान नोंकझोंक क - फोटो : RISHIKESH
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ऋषिकेश/श्यामपुर। लालपानी बीट में प्रस्तावित कूड़ा निस्तारण परियोजना को लेकर पर्यावरणीय स्वीकृति के संबंध में आयोजित लोक सुनवाई में ग्रामीणों को हुजूम उमड़ पड़ा। सभी ने एक स्वर में कहा कि परियोजना आबादी से तीन किलोमीटर दूर तैयार की जाए। जन सुनवाई के दौरान तीखी नोकझोंक भी हुई।
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लाल पानी बीट-1 अंतर्गत सोमवार को उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सौजन्य से जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बताया गया कि एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के लिए जन सुनवाई की गई। इस दौरान लोगों का कहना था कि जिस जगह परियोजना बनाई जा रही है, वहां से 200 मीटर दूर आबादी और स्कूल है। साथ ही लोगों का कहना था कि गांव के भीतर दर्जनों कूड़ा वाहन गुजरेंगे। जिससे लोगों का जीना मुहाल हो जाएगा, दुर्घटना का भी खतरा होगा। इस पर जन सुनवाई में अधिकारियों ने बताया कि बाद में आरटीओ कार्यालय के पास से पीछे जंगल की तरफ से करीब 53 करोड़ रुपये की लागत से अलग से सड़क बनाई जाएगी। इसके साथ ही ग्रीन बेल्ट भी विकसित की जाएगाी। साथ ही बीस फिट ऊंची दीवार बनेगी। जिससे किसी के कोई समस्या न आए।
मगर, ग्रामीणों ने अधिकारियों की बात को सिरे से खारिज कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि यहां पर डंपिंग जोन बन जाएगा। जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो जाएगा। सभी ने कहा कि इस परियोजना को तीन किलोमीटर दूर सौ फुटी की तरफ बनाया जाए। ग्रामीणों ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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इस अवसर वर पूर्व विधायक व सिंचाई मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, जिला पंचायत सदस्य संजीव चौहान, ग्राम प्रधान राजेश व्यास, क्षेत्र पंचायत सदस्य किशोरी पैन्यूली, दीपक कंडारी, पुरुषोत्तम बडोनी, पार्षद विपिन पंत, वीरेंद्र रमोला, विजेंद्र मोघा, मनोज गुसांई, राकेश मिंया, जयेंद्र रमोला, प्रकांत कुमार, सरदार गुरूविंदर सिंह, धर्म क्षेत्री, तारादत्त सेमवाल, रंजीत थापा, मनोज गुसांई, शिव स्वरूप नौटियाल, गोल्डी आदि ने अपनी बता जन सुनवाई में रखी। इस अवसर पर कुछ लोगों का कहना था कि जंगल का पानी बरसात में बह कर आबादी की तरफ आता है। ऐसे में यदि कूड़ा निस्तारण केंद्र बना तो गंदगी गांव में आ जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि वो जनसुनवाई में आए सभी मामलों की रिपोर्ट बनाकर उच्च स्तर पर प्रेषित करेंगे। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वीर सिंह बुधियाल की अध्यक्षता में जन सुनवाई हुई। मौके पर नगर आयुक्त, नरेंद्र सिंह, सहायक वैज्ञानिक एसएस चौहान, दीपेंद्र भट्ट, सुनील डबराल, कुसुम जोशी आदि मौजूद थे।
स्थानीय लोगों का अहित नहीं होने देंगे
जन सुनवाई पूरी हो जाने के बाद मेयर अनिता ममगाई ने स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वो जनता के साथ हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी भी प्रकार से जनता का अहित नहीं होने देंगी। सभी मुद्दों का निस्तारण कर ही परियोजना पर आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि वे जनता की लड़ाई में हमेशा जनता के साथ हैं। इस पर लोगों ने ताली बजाकर उनका आभार व्यक्त किया। मेयर ने कहा कि हम स्थानीय जनता की भावनाओं का सम्मान ंकरते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में दाग न लग जाए
पूर्व सिंचाई मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि ऋषिकेश शहर का ट्रंचिंग ग्राउंड शहर के लिए दाग है। कहीं ऐसा न हो कि अब आबादी के पास परियोजना बनाकर ये दाग ग्रामीण क्षेत्र में भी लगा दिया जाए। उन्होंने कहा कि बीस फुटी के समीप तीन किलोमीटर दूर इस परियोजना को बनाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान तीखी नोकझोंक
सुनवाई के दौरान जब एक पार्षद ने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए तो कुछ लोग भड़क गए। इसके बाद मंच में तीखी नोकझोंक हुई। कुछ ग्रामीणों का कहना था कि ये मामला हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा है और कुछ लोग राजनीति की बात कर रहे हैं। काफी देर तक होहल्ला होता रहा। बाद में मेयर ने सबको चुप कराया।
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