ऋषिकेश। गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा नदी शाम चार बजे चेतावनी निशान से मात्र 80 सेंटीमीटर नीचे 338.70 मीटर पर बह रही है। प्रशासन ने नदी से सटे इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को गंगा घाटों पर जाने से रोका जा रहा है। वहीं गंगा के खतरे का निशान पार करने की स्थिति में प्रशासन ने लोगों को शिफ्ट करने तैयारी कर ली है।
पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश के कारण गंगा और उसकी सहायक नदियां उफान पर आ गई है। तीर्थनगरी में गंगा नदी पक्के घाटों को छूकर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 338.52 मीटर, सुबह 8 बजे 338.59 मीटर, सुबह 10 बजे 338.60 मीटर, दोपहर 12 बजे 338.60 मीटर, दोपहर दो बजे 338.70 मीटर और शाम चार बजे 338.70 मीटर दर्ज किया गया। जो चेतावनी रेखा 339.50 से मात्र 80 सेमी नीचे बह रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बाढ़ का डर सता रहा है। वहीं तहसील प्रशासन की ओर से संभावित बाढ़ क्षेत्रों को लगातार अर्लट किया जा रहा है। सुरक्षा दृष्टिगत गंगा घाटों पर जल पुलिस तैनात है।
बुधवार को मुनिकीरेती स्थित तपोवन सच्चाधाम घाट, शत्रुघ्नघाट, संपूर्णानंद घाट, स्वामी नारायणघाट, त्रिवेणीघाट, साईंघाट के अलावा लक्ष्मणझूला स्थित बॉबे घाट, संतसेवा घाट, किरमोलाघाट, सीताघाट, नावघाट, लक्ष्मीनारायण घाट, गीताभवनघाट, भारतसाधु समाज घाट, परमार्थ निकेतन घाट, वानप्रस्थ घाट और वेदनिकेतन आदि घाटों को छूकर गंगा बह रही है। सुरक्षा दृष्टिगत स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से इन घाटों पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाने से रोका जा रहा है। गंगा घाटों और तटों पर पर्यटकों को स्नान करने से रोका जा रहा है। इसके लिए जगह-जगह जल पुलिस के जवान तैनात है।
त्रिवेणी घाट के सामने इस तरह गंगा नदी में उठ रही लहरें।- फोटो : RISHIKESH
त्रिवेणी घाट में आरती स्थल तक पहुंचा गंगा का जलस्तर।- फोटो : RISHIKESH