तीर्थनगरी की हृदय स्थली त्रिवेणी घाट पर नमामि गंगे योजना के तहत करीब 1.31 करोड़ रुपये की लागत से बना गंगा संग्रहालय बदहाली का शिकार हो गया है। रखरखाव के अभाव में संग्रहालय में लगे सभी पांच एसी खराब पड़े हैं। चारधाम यात्रा के पीक सीजन में भी भीषण गर्मी के कारण तीर्थयात्री और पर्यटक संग्रहालय में जाने से कतरा रहे हैं।
मार्च 2024 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगा संग्रहालय का लोकार्पण किया था। संग्रहालय में गोमुख से लेकर गंगासागर तक मां गंगा की यात्रा, चारधाम, उत्तराखंड के वन्यजीव और विभिन्न पर्यटक व धार्मिक स्थलों का जीवंत चित्रण किया गया है। इस संग्रहालय का उद्देश्य पर्यटकों को गंगा और उत्तराखंड की संस्कृति, भूगोल और आध्यात्मिक महत्व से परिचित कराना है।
लोकार्पण के बाद संग्रहालय की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई थी। संग्रहालय में लगे पांचों एयर कंडीशनर पिछले कई महीनों से खराब पड़े हैं। नगर निगम की ओर से इनकी मरम्मत नहीं कराई गई है। मई में ऋषिकेश का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच रहा है।
चारधाम यात्रा के दौरान त्रिवेणी घाट पर रोजाना हजारों तीर्थयात्री पहुंच रहे हैं। संग्रहालय के अंदर भीषण गर्मी और उमस के कारण पर्यटक कुछ मिनट में ही बाहर निकल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि एसी खराब होने के बाद से संग्रहालय में आने वाले पर्यटकों की संख्या तक घट गई है। कई पर्यटक गेट से ही वापस लौट जाते हैं।
नगर निगम संग्रहालय के रखरखाव को लेकर गंभीर नहीं है। करोड़ों की लागत से बनी योजना का लाभ पर्यटकों को नहीं मिल पा रहा है। संग्रहालय में टिकट व्यवस्था है। पर्यटकों के न आने से नगर निगम को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चारधाम यात्रा को देखते हुए संग्रहालय के सभी एसी तुरंत ठीक कराए जाएं। संग्रहालय में पेयजल, बैठने की व्यवस्था और गाइड की तैनाती की जाए ताकि तीर्थयात्रियों को गंगा और उत्तराखंड की जानकारी मिल सके।
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कोट
मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों को निर्देशित कर समस्या का समाधान किया जाएगा। - गोपाल राम बिनवाल, नगर आयुक्त ऋषिकेश